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Birsa Times

10 लीटर महुआ शराब के साथ एक शराब कारोबारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल

10 लीटर महुआ शराब के साथ एक शराब कारोबारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल

-“सुख नशा पर पुलिस कब करेगी कार्रवाई सबकी नजर टिकी -सूत्र”
-बांका फुल्लीडुमर से कामेश्वर साह की रिपोर्ट

बांका जिले के फूली डूमर थाना की पुलिस 10 लीटर महुआ शराब के साथ रंगे हाथ थाना क्षेत्र के दौलतपुर गांव निवासी बुद्धू मुर्मू को गिरफ्तार कर गुरुवार को सभी कागजी प्रक्रिया को पूर्ण कर पुलिस अभिरक्षा में न्यायिक हिरासत में बांका जेल भेज दिया गया। स्थानीय थाना की पुलिस समय पर अवैध शराब पर कार्रवाई कर वरीय पुलिस पदाधिकारी एवं सरकार के समक्ष शराबबंदी कानून के संदर्भ में कार्रवाई कर दिखती है। लेकिन थाना क्षेत्र में शराबबंदी कानून कितना सफल है वह थाना क्षेत्र के लोग एवं पदाधिकारी सभी भली भांति जानते हैं। सूत्रों के अनुसार थाना क्षेत्र में सुख नशा, गांजा, डीसी, कोरेक्स, बीएस सहित अन्य प्रकार के सुखे नशे की बिक्री चोरी छुपे धड़ल्ले से की जा रही है। जिससे थाना क्षेत्र के गली-गली गांव गांव में युवा पीढ़ी सुख नशे का शिकार हो रहे हैं। सुत्र यह भी बताते हैं कि सुखा नशा प्रखंड क्षेत्र के सभी मुख्य बाजार में ही नहीं बल्कि गांव देहात में भी कयी कारोबारी अवैध रूप से पुलिस से बचकर खुले आम बेचते हैं। जिस पर अंकुश लगाना पुलिस के लिए एक चुनौती से कम नहीं है। इतना ही नहीं सूत्र यह भी बताते हैं कि स्थानीय थाना की मिली भगत से थाना क्षेत्र के नाक के नीचे काफी व्यापक पैमाने पर प्रतिदिन देसी विदेशी शराब की बिक्री होती है। जिससे पियक्कड़ों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। जो शराब बंदी कानून पर एक गंभीर सवाल खड़े करते हैं। वहीं सूत्रों का मानना है कि प्रखंड क्षेत्र के भितीया, गोड़ा , खेसर, फुल्लीडुमर,धाबा, महादेव स्थान, इटवा ,चौडांड़ आदि गांव के कई थोक अवैध जावा महुआ विक्रेता हैं। जो थाना से मैनेज कर जावा महुआ शराब निर्माता के घर सुगमतापूर्वक पहुंचते हैं। जिस कारण महुआ शराब का निर्माण एवं बिक्री थाना क्षेत्र में धड़ल्ले से होता है। वहीं सूत्रों का मानना है कि काफी देर रात में झारखंड से चार चक्का वाहन में भरकर वन क्षेत्र के रास्ते अवैध रूप से जावा महुआ फुल्लीडुमर थाना क्षेत्र में प्रवेश कर वन क्षेत्र में बसे गांव तक पहुंचती है। इसके आगे पीछे पासिंग देने के लिए कारोबारी के गुर्गे लगे रहते। वहीं प्रखंड क्षेत्र के लोगों का मानना है कि यदि पुलिस इन कारोबारी पर अंकुश लगाने में सफल होती है तो थाना क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री पर काफी हद तक लगाम लगाया जा सकता है। साथ ही सूत्र यह भी बताते हैं कि थाना क्षेत्र में यदि पुलिस सुनियोजित एवं गुप्त तरीके से सुख नशे पर भी शक्ति करें तो युवा पीढ़ी जो सुख नशे का शिकार हो रहे हैं उस पर प्रभावी अंकुश लग सकता है।

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