आदिवासी एक्सप्रेस/श्रवण कुमार रवि
विश्रामपुर,(पलामू): आम लोगों से लगातार मिल रही शिकायतों के सत्यापन के लिए प्रशासनिक टीम ने बुधवार को विश्रामपुर नगर परिषद मुख्यालय के सोरडीहा स्थित राहत अस्पताल में औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने का प्रशासन ने दावा किया है। चिकित्सक की अनुपस्थिति में मरीजों का उपचार किए जाने के साथ विभिन्न प्रकार की चिकित्सकीय जांच और अल्ट्रासाउंड की प्रक्रिया संचालित किए जाने की बात सामने आई। निरीक्षण टीम ने अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सकीय उपकरणों और अन्य संबंधित सामग्रियों का बारीकी से अवलोकन किया। मौके पर मिले तथ्यों और सामग्रियों की वीडियोग्राफी कराकर आवश्यक साक्ष्य संधारित किए गए। इसके बाद संबंधित सामग्री की सूची तैयार कर नियमानुसार जब्ती की कार्रवाई की गई। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए राहत अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रशासन के अनुसार, डॉक्टर मनोज थॉमस कंडुलना द्वारा विश्रामपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त पलामू के निर्देश पर अनुमंडल दंडाधिकारी सदर मेदिनीनगर ने स्पष्ट किया है कि बिना सक्षम अनुमति अथवा पंजीकरण और निर्धारित चिकित्सकीय मानकों का उल्लंघन कर स्वास्थ्य सेवाएं संचालित करने वाले संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। इसके दायरे में अस्पताल, नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड सेंटर, एक्स-रे केंद्र और पैथोलॉजिकल केंद्र शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान अंचल अधिकारी राकेश तिवारी,विश्रामपुर थाना प्रभारी ऋषिकेश कुमार दुबे,नौगढ़ ओपी प्रभारी सुशील उरांव, एएसआई रामचंद्र चौधरी,अंचल निरीक्षक सहित कई अधिकारी तथा स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी स्वास्थ्य संस्थान में इलाज कराने से पहले उसके पंजीकरण और संबंधित चिकित्सक की वैधता की जानकारी अवश्य लें।
शिकायत के आलोक में राहत हॉस्पिटल पर गिरी गाज, सदर एसडीएम ने अवैध सामग्री जब्त कर किया शील, प्राथमिकी दर्ज
