-गयाजी से अमरेंद्र कुमार ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट।
-वैभव शिशु केयर में औषधि नियंत्रण विभाग की छापेमारी से मचा हड़कंप,दो संदिग्ध दवाओं के नमूने जांच को भेजे
गयाजी। मरीजों एवं बच्चों की सेहत से जुड़े दवा कारोबार में नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। गयाजी के एपी कॉलोनी स्थित वैभव शिशु केयर में औषधि नियंत्रण विभाग की टीम ने छापेमारी कर करीब दो लाख मूल्य की दवाएं जब्त की हैं। जांच के दौरान दुकान संचालक दवा बिक्री का वैध लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका। विभाग ने बरामद दवाओं में से दो संदिग्ध दवाओं के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।
कार्रवाई का नेतृत्व सहायक औषधि नियंत्रक डॉ. सच्चिदानंद विक्रांत ने किया। उनके साथ कई ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम ने दुकान में उपलब्ध दवाओं,बिक्री संबंधी दस्तावेजों और लाइसेंस की जांच की। टीम के पहुंचते ही दवा कारोबार से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल शुरू हुई। जांच के दौरान लाइसेंस प्रस्तुत नहीं किए जाने पर विभाग ने दवाओं को जब्त कर कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
सहायक औषधि नियंत्रक डॉ. सच्चिदानंद विक्रांत ने कहा कि बिना लाइसेंस दवा की बिक्री गंभीर नियम उल्लंघन है। मामले में संबंधित दवा विक्रेता के खिलाफ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय में अभियोजन की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
गयाजी स्थित एपी कॉलोनी की कार्रवाई के बाद औषधि नियंत्रण विभाग ने संकेत दिया है कि जांच का दायरा केवल एक दुकान तक सीमित नहीं रहेगा। गयाजी शहर के निजी क्लिनिकों और नर्सिंग होम में संचालित दवा दुकानों की भी जांच और छापेमारी जारी रहेगी। बिना लाइसेंस अथवा नियमों के विपरीत दवा कारोबार मिलने पर दुकानों को सील करने के साथ नियमानुसार अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी। औषधि नियंत्रण विभाग की इस कार्रवाई से शहर में बिना वैध लाइसेंस दवा कारोबार करने वालों के बीच हड़कंप की स्थिति है। अब निगाह इस बात पर है कि आगामी जांच में कितनी और दुकानों पर नियमों की अनदेखी सामने आती है।
