-गयाजी से अमरेंद्र कुमार ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट
गयाजी। गया-डीडीयू रेलखंड पर भभुआ रोड स्टेशन के पास चंबल एक्सप्रेस में अधिकारी बनकर कारोबारी के कर्मचारी से करीब दो किलो छह ग्राम सोना लूटने के मामले में रेल पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले के तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान वरुण कुमार,सचिन गंगवार और रोहित कुमार के रूप में हुई है। रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में रेल डीएसपी गुलशन कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ और छापेमारी के दौरान एक ठेकेदार के घर से 612.74 ग्राम सोना तथा चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। शेष सोने की बरामदगी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। लूटे गए सोने की कुल कीमत करीब 2 करोड़ 92 लाख 87 हजार 600 रुपये आंकी गई है।
जानकारी के अनुसार,बरामदगी से जुड़ा सोना बरेली की संकल्प गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड के मालिक संजय कुमार खंडेलवाल का था। कंपनी के कर्मचारी संजीव चौहान सोना लेकर कोलकाता गए थे। वहां से 24 अक्टूबर को चंबल एक्सप्रेस से बरेली लौट रहे थे। इसी दौरान भभुआ रोड स्टेशन के पास दो व्यक्ति अधिकारी बनकर उनके पास पहुंचे। उन्होंने कानूनी कार्रवाई और जेल भेजने का डर दिखाया। यहां तक कि कारोबारी के घर छापेमारी कराने की धमकी देकर कर्मचारी पर दबाव बनाया और सोना व मोबाइल लेकर फरार हो गए। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपित सचिन गंगवार पहले कारोबारी के यहां 15 हजार रुपये मासिक वेतन पर काम करता था। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि सोने की आवाजाही और उसके परिवहन की गोपनीय जानकारी आरोपितों तक कैसे पहुंची। क्या इस वारदात की पहले से साजिश रची गई थी और इसमें अन्य लोग भी शामिल थे, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। कारोबारी के कर्मचारी की भूमिका भी जांच के दायरे में है। हालांकि, पुलिस ने अभी इस संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला है।
रेल पुलिस अधीक्षक, पटना के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई थी। जीआरपी, आरपीएफ भभुआ, आरपीएफ सीआईबी डीडीयू और बरेली पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी एवं मानवीय साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपितों को गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई के बाद रेल पुलिस अब शेष सोने की बरामदगी और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
