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जमालपुर में पटाखा माफिया पर शिकंजा, गोदाम से कई बोरियों में अवैध पटाखे बरामद, मात्रा और कीमत पर पुलिस मौन

जमालपुर में पटाखा माफिया पर शिकंजा, गोदाम से कई बोरियों में अवैध पटाखे बरामद, मात्रा और कीमत पर पुलिस मौन

-गोदाम से बरामदगी, कागज पर दुकान दिखा रही पुलिस?
-हर दिवाली होती है कार्रवाई, फिर भी नहीं लग रही लगाम
ब्यूरो चीफ, मुंगेर
जमालपुर (मुंगेर):
दीपावली पर्व नजदीक आते ही अवैध पटाखा कारोबार सक्रिय हो गया है। इसी कड़ी में जमालपुर थाना पुलिस ने सदर बाजार डाकघर के समीप बड़ी कार्रवाई करते हुए मुरारी पटवा के पटाखा गोदाम पर छापेमारी की है। गोदाम से कई बोरियों में भरकर रखे गए भारी मात्रा में अवैध पटाखे बरामद किए गए हैं। मौके पर मौजूद पुलिस बल भी बोरियों में भरे पटाखों को देखकर हैरान रह गई ।

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सदर बाजार डाकघर के पास मुरारी पटवा के गोदाम में अवैध रूप से पटाखों का भंडारण किया गया है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए जमालपुर थानाध्यक्ष पंकज पासवान ने वरीय अधिकारियों को अवगत कराया। इसके बाद अंचल अधिकारी प्रीति कुमारी के नेतृत्व में टीम गठित कर छापेमारी की गई। टीम जैसे ही गोदाम पर पहुंची तो वहां बोरियों में भारी मात्रा में पटाखे रखे मिले। पुलिस ने पूरे गोदाम को घेरकर तलाशी शुरू की।

मात्रा और कीमत पर पुलिस मौन, कार्रवाई सवालों के घेरे में
इस पूरी कार्रवाई में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कितनी मात्रा में पटाखे बरामद किए गए और बरामद पटाखों की कीमत कितनी है? इन दोनों अहम सवालों पर पुलिस चुप्पी साधे हुए है। बरामदगी की संख्या और कीमत सार्वजनिक नहीं करने से पुलिस की भूमिका सवालों के घेरे में आ गई है। पुलिस का दावा है कि बरामदगी दुकान से की गई है, जबकि स्थानीय सूत्र बता रहे हैं कि छापेमारी गोदाम पर हुई है। आखिर पुलिस गोदाम के बदले बरामदगी स्थल दुकान क्यों दिखा रही है? यह सवाल भी लोगों के जेहन में है।

हर साल होती है छापेमारी, नहीं लग रही लगाम
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर दिवाली में आरोपी के यहां छापेमारी होती है, लेकिन पुलिस आज तक इस अवैध कारोबार पर लगाम नहीं लगा पाई है। सूत्र बताते हैं कि आरोपी का जमालपुर शहर में आधा दर्जन से अधिक पटाखा गोदाम है। ऐसे में सिर्फ दो जगह छापेमारी कर खानापूर्ति करना कहां तक जायज है? शहर के लोग पूछ रहे हैं कि बाकी गोदामों पर कब कार्रवाई होगी।

घनी आबादी में बड़ा हादसा हो सकता था
सबसे चिंताजनक बात यह है कि घनी आबादी वाले इलाके में बिना किसी सुरक्षा मानक और बिना लाइसेंस के पटाखों का भंडारण किया जा रहा था। किसी भी छोटी सी चिंगारी से बड़ा हादसा हो सकता था। पुलिस ने गोदाम संचालक से लाइसेंस और भंडारण से संबंधित कागजात मांगे हैं। कागजात नहीं दिखाने पर गोदाम को सील करने की बात कही जा रही है। जब इस संबंध में थानाध्यक्ष पंकज पासवान से बरामदगी की मात्रा और लाइसेंस के बारे में जानकारी मांगी गई तो उन्होंने अंचलाधिकारी से जानकारी लेने की बात कहकर टाल दिया। छापेमारी के बाद से इलाके के अन्य अवैध पटाखा कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

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