तेहरान/वॉशिंगटन। होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भारत आ रहे एक कंटेनर जहाज को रोककर अपने कब्जे में लेने का दावा किया। जहाज गुजरात के मुंद्रा पोर्ट की ओर जा रहा था। ईरानी पक्ष ने आरोप लगाया कि जहाज जरूरी अनुमति के बिना गुजर रहा था और उसके नेविगेशन सिस्टम से छेड़छाड़ की गई थी।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ‘एपामिनोडेस’ नाम का कंटेनर जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहा था, तभी ईरानी बलों ने उसे रोका और ईरानी तट की ओर ले गए। इस घटनाक्रम के दौरान ‘MSC फ्रांसेस्का’ नाम के एक अन्य जहाज को भी कब्जे में लेने की खबर सामने आई। वहीं, ‘यूफोरिया’ नाम के जहाज पर भी गोलीबारी किए जाने की रिपोर्ट आई। इन घटनाओं से क्षेत्र में समुद्री परिवहन और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई।
नेविगेशन सिस्टम से छेड़छाड़ का आरोप
ईरानी नौसेना के मुताबिक, जहाजों ने जरूरी अनुमति के बिना जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश की और नेविगेशन सिस्टम में कथित छेड़छाड़ की गई। ईरान ने इसे समुद्री सुरक्षा के लिए खतरा बताया। हालांकि, जहाजों के खिलाफ लगाए गए आरोपों और कार्रवाई के सभी विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिहाज से बेहद अहम समुद्री मार्ग है। यहां जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा बाजार पर असर पड़ने की आशंका रहती है।
पाकिस्तान के अनुरोध पर सीजफायर बढ़ाने का ट्रंप का ऐलान
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी युद्धविराम को आगे बढ़ाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के अनुरोध पर लिया गया है।
ट्रंप के मुताबिक, ईरान के नेतृत्व में एकजुटता की कमी है। उन्होंने कहा कि ईरानी नेतृत्व को साझा प्रस्ताव तैयार करने और बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए समय दिया जाना चाहिए। उन्होंने युद्धविराम को तब तक जारी रखने की बात कही, जब तक ईरान की ओर से एक ठोस और एकजुट प्रस्ताव नहीं आता तथा बातचीत का नतीजा सामने नहीं आ जाता।
हालांकि, ट्रंप ने युद्धविराम की नई समयसीमा स्पष्ट नहीं की। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखेगी और अन्य सैन्य तैयारियां बरकरार रहेंगी।
युद्धविराम के बीच समुद्री तनाव बरकरार
ईरान द्वारा जहाजों को रोकने और उन पर गोलीबारी की खबरें ऐसे समय सामने आईं, जब अमेरिका ने युद्धविराम बढ़ाने की घोषणा की थी। इससे स्पष्ट हुआ कि कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बना हुआ था।
क्षेत्र में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही, समुद्री व्यापार और अमेरिका-ईरान वार्ता की दिशा पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है।
