दो कमरे भी जर्जर, डर के साए में बाहर सो रहा परिवार; मुआवजा व आवास की मांग
आदिवासी एक्सप्रेस / संतोष कुमार दास
चतरा : लगातार बारिश में जबड़ा पंचायत के तरवाडीह टोला निवासी प्रमोद यादव का मिट्टी का घर भरभराकर गिर गया। हादसे के वक्त परिवार घर में सो रहा था, लेकिन संयोग से सभी सुरक्षित बच गए। घर में रखा सामान भी क्षतिग्रस्त हो गया।दो कमरे अभी भी जर्जर हैं और कभी भी गिर सकते हैं। जान के डर से परिवार घर के बाहर रात गुजारने को मजबूर है। सूचना पर मुखिया प्रतिनिधि चैतू यादव व पंचायत समिति सदस्य रवींद्र कुमार मौके पर पहुंचे और बीडीओ निखिल गौरव कमान कच्छप को जानकारी दी।
सवाल यह है कि जर्जर घर की सुध कब लेगा प्रशासन
बारिश में गरीब परिवार का आशियाना उजड़ने के बाद अब सरकारी मदद की उम्मीद टिकी है। आवास योजना और आपदा राहत जैसी सरकारी व्यवस्थाओं के बावजूद यदि एक परिवार टूटे हुए मिट्टी के घर में डर के साए में रात गुजारने को मजबूर है, तो जमीनी स्तर पर योजनाओं की पहुंच पर सवाल उठना स्वाभाविक है। पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन से तत्काल स्थल निरीक्षण कर उचित मुआवजा देने और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की मांग की है।ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन मामले को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रखे, बल्कि बारिश और संभावित हादसे के खतरे को देखते हुए तत्काल राहत और आवास की व्यवस्था करे, ताकि किसी अनहोनी से पहले परिवार को सुरक्षित स्थान मिल सके।
