संवाददाता राम कुमार
बालूमाथ। बालूमाथ थाना क्षेत्र के कोमर गांव स्थित कुसी टोला में बिजली के करंट की चपेट में आने से एक जंगली हाथी की मौत हो गई। घटना रविवार की बताई जा रही है। हाथियों से फसल और घर की सुरक्षा के लिए ग्रामीण द्वारा घर के आसपास लगाए गए तार में करंट प्रवाहित किए जाने की बात सामने आ रही है। इसी दौरान हाथियों का झुंड दोबारा गांव पहुंचा,जिसमें एक हाथी करंट की चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लेने के साथ ग्रामीणों से भी घटना के संबंध में जानकारी ली।
पांच दिन पहले मक्का खाने पहुंचा था हाथियों का झुंड।
कुसी टोला निवासी बिफा उरांव के घर के आसपास मक्का की फसल लगी हुई थी। करीब पांच दिन पहले हाथियों का झुंड मक्का खाने के लिए गांव पहुंचा था। इस दौरान हाथियों ने खेत में लगी फसल को नुकसान पहुंचाने के साथ बिफा उरांव के घर को भी क्षतिग्रस्त कर दिया था। हाथियों के दोबारा गांव में आने की आशंका को देखते हुए फसल और घर की सुरक्षा के लिए घर के आसपास तार लगाया गया था। रविवार को हाथियों का झुंड एक बार फिर उसी इलाके में पहुंच गया। इसी दौरान एक हाथी तार की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई।
मेडिकल टीम ने किया हाथी का पोस्टमार्टम।
रेंजर नंदकुमार मेहता ने बताया कि हाथी की मौत किन परिस्थितियों में हुई,इसकी जांच की जा रही है। मेडिकल टीम को घटनास्थल पर बुलाकर मृत हाथी का पोस्टमार्टम कराया गया है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।वन विभाग की टीम इस बात की भी जांच कर रही है कि घर के आसपास लगाए गए तार में किस तरह करंट प्रवाहित किया गया था और हाथी उसकी चपेट में कैसे आया।
बालूमाथ में पहले भी हो चुकी है हाथियों की मौत।
बालूमाथ वन क्षेत्र में हाथी की मौत का यह पहला मामला नहीं है। अक्टूबर 2025 में भी एक छोटे हाथी का शव धान के खेत में मिला था। पोस्टमार्टम के बाद उसकी मौत के कारणों की जांच की गई थी। इससे पहले जुलाई 2022 में बालूमाथ वन क्षेत्र अंतर्गत रेंची जंगल में एक हाथी मृत मिला था। जानकारी के अनुसार वह हाथी करीब एक महीने पहले झुंड से अलग होकर रेंची जंगल में पहुंचा था। उस मामले में मृत हाथी के दोनों दांत भी गायब मिले थे।

