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मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन: पहली ही बारिश में धंसी 4000 करोड़ की सड़क, दरार छिपाने के लिए लगाए जूट के बोरे

मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन: पहली ही बारिश में धंसी 4000 करोड़ की सड़क, दरार छिपाने के लिए लगाए जूट के बोरे

रंजीत विद्यार्थी
मुंगेर :
मिर्जाचौकी ग्रीनफील्ड फोरलेन में वाहनों का परिचालन शुरू होने से पहले ही सड़क की स्थिति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पैकेज-2 में गंगापुर के पास सड़क पर लंबी दरार दिखाई दी है। उत्तरी लेन में सड़क के बीच करीब 40 से 50 फीट लंबी दरार है। इसकी चौड़ाई करीब दो इंच बताई गई है।

सड़क किनारे की मिट्टी भी धंस रही
सिर्फ सड़क की सतह पर दरार ही नहीं आई है, बल्कि इसके किनारे की मिट्टी भी तेजी से नीचे बैठ रही है। दरार वाली जगह को जूट के बोरे से भरने की कोशिश किए जाने की बात सामने आई है। पहली बारिश के बाद सामने आई इस स्थिति ने निर्माणाधीन सड़क की मजबूती को लेकर स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

124 किलोमीटर लंबा है पूरा प्रोजेक्ट
मुंगेर से मिर्जाचौकी तक बनने वाली यह ग्रीनफील्ड फोरलेन परियोजना करीब 124 किलोमीटर लंबी है। इसका निर्माण चार अलग-अलग पैकेज में कराया जा रहा है। यह सड़क मुंगेर, भागलपुर होते हुए झारखंड की ओर कनेक्टिविटी बेहतर करने वाली महत्वपूर्ण परियोजना के तौर पर बनाई जा रही है।

पहली बारिश में ही उठे गुणवत्ता पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहली बारिश के बाद सड़क के किनारे मिट्टी के कटाव और धंसने की समस्या सामने आई है। उनका कहना है कि लगातार बारिश हुई तो स्थिति और खराब हो सकती है। लोग चाहते हैं कि सड़क पर वाहनों का परिचालन शुरू करने से पहले दरार की तकनीकी जांच कराई जाए और सड़क की मजबूती की भी जांच हो।

क्या होगी तकनीकी जांच?
लोगों की मांग है कि सिर्फ ऊपर से मरम्मत करने के बजाय दरार आने की असली वजह का पता लगाया जाए। साथ ही निर्माण की गुणवत्ता और सड़क की सुरक्षा से जुड़े मानकों की भी जांच हो। इस परियोजना के दूसरे पैकेज में पहले भी सड़क में दरार और किनारे की मिट्टी धंसने की समस्या सामने आ चुकी है। उस समय एनएचए आई अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया था और संबंधित एजेंसी को सुधार के निर्देश दिए थे।

परियोजना पहले से हीं देरी से चल रही है
मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन परियोजना का काम पहले ही तय समय से पीछे चल रहा है। भूमि अधिग्रहण, मिट्टी की उपलब्धता और दूसरी अड़चनों के कारण अलग-अलग पैकेजों की समयसीमा प्रभावित हुई है। अब सड़क में दरार आने की खबर ऐसे समय सामने आई है, जब परियोजना के कुछ हिस्सों को वाहनों के लिए खोलने की तैयारी चल रही है. सितंबर में पैकेज-2 का काम पूरा करने की समयसीमा बताई गई थी।
मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन के चालू होने से इलाके की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। लेकिन परिचालन शुरू होने से पहले सड़क में आई दरार ने उसकी मजबूती को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि इस दरार की तकनीकी जांच में क्या कारण सामने आता है और सड़क को सुरक्षित बनाने के लिए किस तरह का सुधार किया जाता है।

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