रिपोर्ट – प्रमोद कुमार सिंह
औरंगाबाद :- व्यवहार न्यायालय में प्रधान जिला जज राजीव रंजन कुमार के कोर्ट ने मुफ्फसिल थाना कांड संख्या -339/11, सत्रवाद संख्या -244/23 में सज़ा के बिन्दु पर सुनवाई करते हुए तीनों अभियुक्तों को सज़ा सुनाई है लोक अभियोजक अजय कुमार ने बताया कि अभियुक्तों को 22/09/26 को दोषी ठहराया गया था और बंधपत्र विखंडित कर जेल भेज दिया गया था आज़ सज़ा के बिन्दु पर बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कहा कि पहला अपराध और पारिवारिक दायित्व के कारण कम से कम सज़ा सुनाई जाए,लोक अभियोजक ने आरोप सिद्धि के आधार पर सज़ा की मांग की, दोनों पक्षों को सुनने के पश्चात न्यायधीश ने मुख्य अभियुक्त मारछु यादव परसी फेसर को भादंवि धारा 307 में तीन साल की सजा और बीस हजार रुपए जुर्माना लगाया है भादंवि धारा -324 में एक साल की सजा और दस हजार रुपए जुर्माना लगाया है और धारा -341 में एक माह की सजा और पांच सौ
रूपये जुर्माना लगाया है, अन्य अभियुक्त प्रमोद यादव और सुरेश यादव को भादंवि धारा -324 में एक साल की सजा और दस हजार रुपए जुर्माना लगाया है और धारा -341 में एक माह की सजा और पांच सौ रुपए जुर्माना लगाया है सभी सजाएं साथ साथ चलेगी, अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि अभियोजन की ओर से 06 गवाही हुई थी प्राथमिकी सूचक कामता प्रसाद सिंह बासेखाप ढिबरा फेसर ने 28/11/11 को अभियुक्तों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी जिसमें कहा था कि 26/11/11 को शाम 07 बजे मेरा ट्रैक्टर ड्राइवर सत्यनारायण यादव चतरा ने फोन पर बताया कि मेरा ट्रैक्टर रोक रखा है जब सुचक उक्त स्थल परिजनों के साथ पहुंचे तो अभियुक्तों ने मेरे भाई और बेटे को मारपीट कर बुरी तरह से घायल कर दिया, आसपास के गांव के लोग जुटने पर अभियुक्तगण भाग गये, घायलों को सदर अस्पताल औरंगाबाद और मगध मेडिकल कॉलेज गया में इलाज कराया।
14 साल बाद इंसाफ: हत्या के प्रयास के मामले में औरंगाबाद कोर्ट ने मुख्य आरोपी को सुनाई 3 साल की कैद, दो अन्य को एक-एक साल की सजा
