-हंगामे के बाद उसी सीएचसी में हुआ प्रसव
-परिजनों ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को दिया लिखित आवेदन
ब्यूरो चीफ, मुंगेर
धरहरा(मुंगेर): सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज और प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराने के दावों के बीच मुंगेर जिलें के धरहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नॉर्मल डिलीवरी के नाम पर दो हजार रुपये मांगने का आरोप सामने आया है। बुधवार की रात प्रसव के लिए सीएचसी पहुंची प्रसूता पिंकी कुमारी के परिजनों का आरोप है कि दो हजार रुपये देने में असमर्थता जताने पर उसे करीब दो घंटे से अधिक समय तक भर्ती रखने के बाद सदर अस्पताल मुंगेर रेफर करने की बात कही गई। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में करीब आधे घंटे तक हंगामा किया। हैरानी की बात यह रही कि हंगामे के बाद प्रसूता का प्रसव उसी सीएचसी में करा दिया गया।
पहले मांगे 2000, फिर 1000 में हुआ प्रसव
परिजनों के अनुसार, प्रसूता को रात करीब 8 बजे सीएचसी धरहरा लाया गया। जहां जांच के बाद उसे भर्ती कर लिया गया। करीब दो घंटे बाद प्रसव पीड़ा बढ़ने पर नॉर्मल डिलीवरी के नाम पर कथित रूप से 2000 रूपए की मांग की गई। आर्थिक परेशानी का हवाला देते हुए परिजनों ने 1000 रूपए देने की बात कही। आरोप है कि इसके बाद प्रसूता को सदर अस्पताल मुंगेर रेफर करने की बात कही गई।
रेफर की बात सुनकर परिजनों ने प्रसूता को मुंगेर ले जाने से इनकार कर दिया। देखते ही देखते अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू हो गया। करीब आधे घंटे के विरोध के बाद रात करीब 11 बजे प्रसूता को फिर वार्ड में लाया गया। परिजनों का आरोप है कि कुछ ही देर बाद बच्चे का पैर बाहर आने की स्थिति में स्वास्थ्य कर्मी नूतन कुमारी एवं सबिता कुमारी ने 1000 रूपए लेकर सीएचसी में ही प्रसव कराया। रात करीब 11:30 बजे प्रसूता ने बच्चे को जन्म दिया।
रेफर से प्रसव तक बदला पूरा घटनाक्रम
परिजनों का सवाल है कि जब सीएचसी में प्रसव कराना संभव था, तो प्रसूता को मुंगेर रेफर करने की बात क्यों कही गई। इस पूरे घटनाक्रम ने सीएचसी की व्यवस्था और मरीजों की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वायरल वीडियो से मचा हड़कंप
घटना के दौरान मौजूद लोगों ने अस्पताल परिसर का वीडियो बनाया। जिसमें परिजनों द्वारा स्वास्थ्य कर्मियों पर लगाए जा रहे आरोप और हंगामे की स्थिति दिखाई दे रही है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में है। हालांकि वायरल वीडियो की अखबार स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है।
सुबह 9 बजे तक नाश्ता नहीं मिलने का आरोप
परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्था को लेकर एक और गंभीर शिकायत की। उनका कहना है कि गुरुवार सुबह 9 बजे तक प्रसूता को नाश्ता नहीं दिया गया। शिकायत के बाद करीब साढ़े 9 बजे नाश्ता उपलब्ध कराया गया।
दो घंटे तक डॉक्टर के निरीक्षण नहीं करने का आरोप
परिजनों का यह भी आरोप है कि प्रसूता को भर्ती किए जाने के बाद करीब दो घंटे तक उसकी स्थिति जानने के लिए कोई चिकित्सक निरीक्षण करने नहीं पहुंचा। हालांकि रात में डॉ महेन्द्र कुमार ड्यूटी पर मौजूद थे। वहीं इस मामले को लेकर प्रसूता पिंकी कुमारी की बहन आशा देवी ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अविनाश कुमार को लिखित आवेदन देकर संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
