नई दिल्ली। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर देश के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए गुरु-शिष्य परंपरा, भारतीय संस्कृति और ज्ञान की महत्ता पर अपने विचार साझा किए। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्रियों, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और विपक्ष के नेताओं ने गुरुजनों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनके योगदान को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने अपने संदेश में कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु ज्ञान, संस्कार और सदाचार के आलोक-स्तंभ हैं। गुरु केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि सत्य, कर्तव्य और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा भी प्रदान करते हैं। उन्होंने देशवासियों से गुरु-शिष्य परंपरा के आदर्शों को अपनाते हुए ज्ञान, विनम्रता, चरित्र और सेवा-भाव के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरु पूर्णिमा को भारतीय संस्कृति की सनातन चेतना का पर्व बताते हुए कहा कि गुरु व्यक्ति को जीवन जीने की कला सिखाने के साथ सत्य और कर्तव्य के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने सभी गुरुजनों, शिक्षकों और मार्गदर्शकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है। उन्होंने समाज और राष्ट्र के भविष्य के निर्माण में योगदान देने वाले सभी गुरुजनों को नमन करते हुए देशवासियों को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी गुरु को ज्ञान, संस्कार और चरित्र का शिल्पकार बताते हुए गुरु-शिष्य परंपरा को भारत की सांस्कृतिक धरोहर करार दिया।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने संदेश में कहा कि अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाने वाले सभी गुरुजनों को उनका नमन है। उन्होंने कहा कि गुरु सत्य, धैर्य, जिज्ञासा और करुणा का मार्ग दिखाते हैं।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जगद्गुरु आदि शंकराचार्य को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके अद्वैत दर्शन ने भारत की सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक चेतना को सशक्त बनाया है। उन्होंने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में उनके विचारों को शांति और विश्वबंधुत्व का मार्गदर्शक बताया।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने गुरु-शिष्य परंपरा को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए लोगों से अपने गुरुओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और उनके बताए आदर्शों पर चलने की अपील की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए गौतम बुद्ध के विचारों का उल्लेख किया और कहा कि गुरु जीवन को सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक होते हैं।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि गुरु भारतीय संस्कृति की धुरी हैं, जो व्यक्ति को आत्मबोध, समाज को सदाचार और राष्ट्र को वैभव के मार्ग पर आगे बढ़ाते हैं। वहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि गुरु ज्ञान के साथ-साथ संस्कार, विवेक और जीवन का सही मार्ग भी प्रदान करते हैं। उन्होंने सभी के सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी गुरु पूर्णिमा पर सभी गुरुजनों को नमन करते हुए कहा कि शिक्षक बच्चों के व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं और सही-गलत का भेद सिखाकर समाज की मजबूत नींव तैयार करते हैं। उन्होंने लोगों से अपने गुरुओं का सम्मान करने और उनके ज्ञान से जीवन को प्रकाशित करने का आग्रह किया।
