-एलडीसी कार्तिक यादव पर रुपये लेने और अतिरिक्त राशि मांगने का आरोप
-दाखिल-खारिज और परिमार्जन के बाद अब लगान निर्धारण पर सवाल
-एडीएम ने जांच के बाद कार्रवाई का दिया भरोसा
रंजीत कुमार विद्यार्थी
मुंगेर: पिछले कुछ दिनों से धरहरा अंचलाधिकारी के नए नए कारनामों के बाद अब धरहरा अंचल के कर्मियों का भी कारनामों सामने आने लगा है। जिसके बाद धरहरा प्रखंड के लोग सरकारी कर्मियों को ओछी एवं आम जनता को परेशान करने वाले कर्मी के रूप में देखने लगे है। बता दें कि ताजा मामला धरहरा अंचल कार्यालय में राजस्व कार्यों के बदले कथित अवैध राशि की मांग का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। अंचल कार्यालय में पदस्थापित निम्नवर्गीय लिपिक कार्तिक यादव का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति से 500 रुपये लेते हुए लिपिक दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद कथित रूप से काम के लिए और राशि की मांग किए जाने की बात सामने आ रही है। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की हमारा अखबार पुष्टि नहीं करता है।
बताया जा रहा है कि वीडियो पुराना है और जमीन के लगान निर्धारण से जुड़े कार्य के दौरान का है। वीडियो में एक व्यक्ति लिपिक को 500 रुपये देता दिखाई देता है। इसके बाद वह कथित तौर पर कुछ राशि वापस करने का अनुरोध करता है, जबकि लिपिक की ओर से काम पूरा कराने के लिए और पैसे की मांग किए जाने की बात कही जा रही है।
दाखिल-खारिज और परिमार्जन के बाद अब लगान निर्धारण पर सवाल
धरहरा अंचल कार्यालय में दाखिल-खारिज, परिमार्जन और लगान निर्धारण जैसे राजस्व कार्यों को लेकर पहले से ही लोगों द्वारा अनावश्यक देरी और कथित अवैध राशि मांगने की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में लिपिक का कथित वीडियो सामने आने के बाद अंचल कार्यालय धरहरा की कार्यप्रणाली पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि राजस्व संबंधी छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी आम लोगों को कार्यालय के कई चक्कर लगाने पड़ते हैं। ऐसे में यदि सरकारी प्रक्रिया और निर्धारित शुल्क से इतर किसी प्रकार की राशि की मांग की जाती है, तो यह गंभीर विषय है। लोगों ने वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच कराने तथा आरोप सही पाए जाने पर संबंधित कर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
एडीएम ने जांच के बाद कार्रवाई का दिया भरोसा
मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी इसकी चर्चा शुरू हो गई है। एडीएम ने मामले की जांच कराने और जांच में आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
धरहरा अंचल कार्यालय से जुड़े राजस्व मामलों को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच इस नए मामले ने प्रशासन की चुनौती बढ़ा दी है।
