-मां, पांच पुत्र एवं बहू सहित कुल 8 दोषी करार
-घटना का सूचना मिलने पर न्यायालय परिसर पहुंचे एसपी सैयद इमरान मसूद
-वर्ष 2025 के होली के दिन दो पक्षों के बीच विवाद सुलझाने पहुंचीं थीं 112 की पुलिस टीम
रंजीत कुमार विद्यार्थी
मुंगेर कोर्ट : बीते वर्ष मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नंदलालपुर गांव में दो पक्षों के विवाद सुलझाने पहुंचे एएसआई संतोष कुमार सिंह को मार-पीट कर हत्या मामले में एडीजे चतुर्थ कुमारी मनीषा ने एक परिवार के नामजद सभी 08 सदस्यों को हत्या मामले में दोषी करार दिया हैं। सोमवार को न्यायालय ने मुफस्सिल थाना कांड संख्या 78/2025 एवं सेशन वाद संख्या 299/2025 में सुनवाई किया। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्य, अभियोजन एवं बचाव पक्ष के दलील सुनने के बाद नामजद सभी अभियुक्त को एएसआई संतोष कुमार सिंह के हत्या मामले में दोषी करार दिया। जिसमे स्व नारायण यादव के नामजद पांचों पुत्र रंजीत कुमार, रणबीर कुमार,राजू कुमार, गुड्डू कुमार एवं विकास कुमार, पत्नी रेखा देवी तथा बहू सरिता देवी पति – रंजीत कुमार एवं मौसम कुमारी ,पति -रणवीर कुमार को दोषी करार दिया है। इस मामले में नामजद तीनों महिला जमानत पर थी , लेकिन दोषी करार होने पर तीनों महिला को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।अभियोजन पक्ष से लोक अभियोजक संजय कुमार सिंह ने बहस में भाग लिया। घटना के संबंध में बताया जाता है कि
होली के दिन 14 मार्च 2025 को नंदलालपुर गांव में दो पड़ोसियों के बीच विवाद हुआ था । सूचना मिलने पर ड्यूटी पर तैनात 112 के मोटर साइकिल से एएसआई संतोष कुमार सिंह एवं सिपाही दीपक कुमार घटनास्थल पर पहुंचे और दोनों पक्ष को समझा बुझाकर शांत करना चाहा। इसी क्रम में वे अभियुक्त के आंगन में चले गये तो इसी दौरान सभी अभियुक्त एएसआई के साथ गाली -गलौज एवं मारपीट करने लगे एवं सिर पर लोहे के रड एवं दबिया से मार कर जख्मी कर गिरा कर बेहोश कर दिया था। फिर घसीटते हुए बगल के सौरभ कुमार के दरवाजे पर ले कर चलें गए थे। गंभीर रूप से घायल दारोगा संतोष कुमार सिंह की मौत इलाज के दौरान पटना में हो गई थी। सिपाही दीपक कुमार के लिखित आवेदन पर मुफस्सिल थाना कांड संख्या 78/2025 दर्ज की गई थी।
सुरक्षा में चूक
न्यायालय द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद जेल बंदी वाहन से सभी दोषी करार अभियुक्तों को ले जाया जा रहा था कि इसी दौरान कोर्ट के मुख्य गेट के समीप एक आरोपी बंदी वाहन से निकल कर भाग गया । पुलिस के शिनाख्त के बाद फिर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं, एक सुरक्षा कर्मी ने बताया कि अभियुक्त पुलिस के साथ मारपीट करने लगें थे। इसी वजह से पुलिस कर्मी ने बंदी वाहन का गेट खोला था और अभियुक्त बाहर निकल गया। कैदी वाहन पर तैनात सिपाही पर हमला और बंदी भागने की सूचना मिलने पर पुलिस कप्तान सैयद इमरान मसूद दल बल के साथ न्यायालय परिसर पहुंचे और मामले की गंभीरता पूर्वक छानबीन की। एसपी सैयद इमरान मसूद ने बताया कि कैदी वाहन को क्षतिग्रस्त किए जाने तथा सिपाही के साथ मारपीट किए जाने को लेकर अलग से प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया की जा रही है।
