-अपर थानाध्यक्ष ने मीडिया में बयान दिया था की अभियुक्त को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया
-पीङिता के पिता ने डीआईजी को आवेदन देकर की जांच की माग
रंजीत विद्यार्थी
मुंगेर : जिलें के तारापुर थाना कांड संख्या 167/2026 पॉक्सो एक्ट में नाबालिग पीड़िता का 03 सितंबर 2026 को कोर्ट में 164 का बयान हुआ और उसी रात अभियुक्त सुदर्शन पंडा को तारापुर पुलिस ने हाजत से छोड़ दिया। जबकि अभियुक्त कि गिरफ्तारी 01 सितंबर 2026 को हुई थी और अपर थानाध्यक्ष तारापुर ने मीडिया में बयान दिया था कि अभियुक्त को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। बताते चले कि 01 सितंबर के रात 07 बजे दस वर्षीय पीड़िता गांव के ही स्व.उमाकांत पंडा के पुत्र सुदर्शन पंडा के यहां दुध लाने गई। सुदर्शन पंडा के घर में कोई परिजन नहीं था इसका फायदा उठाते हुए अभियुक्त ने बच्ची के साथ गलत हरकत किया। बच्ची जब रोने चिल्लाने लगी तो अभियुक्त ने बलात्कार कर हत्या करने की धमकी बच्ची को दिया। पीड़िता ने घर लौट कर सारे घटनाक्रम अपने पिता को बताया इस के बाद 112 पर कॉल हुआ। पुलिस आई और अभियुक्त को गिरफ्तार कर थाना ले गई थी। दुसरे दिन 02 सितंबर को पीड़िता अपने परिजन के साथ तारापुर थाना गई थीं ।पीड़िता के पिता के लिखित बयान पर तारापुर थाना में कांड संख्या 167/2026 पॉक्सो एक्ट एवं अन्य धाराओं में दर्ज हुई थी ।
03 सितंबर को तारापुर पुलिस सिर्फ पीड़िता को लेकर मुंगेर कोर्ट आई और पीड़िता का 164 का बयान करवाया और थाना लौटने के बाद हिरासत में बंद अभियुक्त सुदर्शन पंडा को छोड़ दिया, जो गांव में चर्चा का विषय बना हुआ हैं।
09 सितंबर को पीड़िता के पिता ने डीआईजी को आवेदन देकर तारापुर अपर थानाध्यक्ष तथा केस के आईओ सुबन्ता कुमारी के द्वारा मोटा पैसा लेकर अभियुक्त को हाजत से छोड़ देने का आरोप लगाया है और दावा किया है कि जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण तारापुर थाना में लगें सीसीटीवी फुटेज तथा थाना को दिए गए आवेदन से स्पष्ट हैं। इधर, इस संबंध में पुलिस कप्तान सैयद इमरान मसूद से बात करने का प्रयास किया गया,जो की सफल नहीं हो पाया।

