-माले नेता राजेश सिन्हा ने मौके पर पहुंचकर देखी लोगों की मुश्किलें, बोले रोजगार के अभाव में जान जोखिम में डालने को मजबूर गरीब
गिरिडीह। पेट पालने की मजबूरी इंसान से क्या-क्या नहीं करवाती। रोजगार के अभाव में गरीब लोग जमीन के भीतर उतरकर कोयला निकालने की जद्दोजहद कर रहे हैं। माले नेता राजेश सिन्हा ने मौके पर पहुंचकर अंदर जाकर स्थिति का जायजा लिया और कोयला निकालने के दौरान लोगों को होने वाली परेशानियों को करीब से देखा। राजेश सिन्हा ने कहा कि “यह सिर्फ कोयला निकालने का मामला नहीं, बल्कि गरीबों के पेट की लड़ाई है। लोग शौक से जमीन के अंदर नहीं उतर रहे, बल्कि परिवार चलाने की मजबूरी उन्हें इस जोखिम भरे काम तक ले आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोयला निकालने के दौरान लोगों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है और पुलिस की पूछताछ व कार्रवाई से भी उनकी परेशानी बढ़ती है। कहा कि एक तरफ बेरोजगारी और भूख की मार है, तो दूसरी तरफ पुलिस की सख्ती। ऐसे में गरीब आखिर जाए तो जाए कहां? माले नेता ने कहा कि सरकार और प्रशासन को गरीबों की मजबूरी को समझना चाहिए। कार्रवाई से पहले रोजगार का रास्ता दिखाइए। लोगों को जान जोखिम में डालकर कोयला निकालने के लिए मजबूर करने वाली परिस्थितियां खत्म करनी होंगी। उन्होंने इस समस्या के स्थायी समाधान और प्रभावित लोगों के लिए सुरक्षित व सम्मानजनक रोजगार की व्यवस्था की मांग की।
पेट के लिए जद्दोजहद: कोयला निकालने जमीन के भीतर उतर रहे लोग, रोजगार के अभाव में जान जोखिम में
