-कान्हाचट्टी प्रखंड के गांवों की सड़को का तो बत्तर स्थिति है ही परंतु प्रखंड के दो मुख्य बाजार राजपुर और कान्हाचट्टी की सड़के भी बरसात में तालाब बन जाती है।
-विकाश कुमार कान्हाचट्टी
प्रखंड के दो मुख्य बाजार राजपुर और कान्हाचट्टी की सड़के बरसात में पैदल चलने के लायक भी नहीं रहती। प्रत्येक दिन सैकड़ों लोग अपने जरूरी कार्यों से बाजार आते जाते है परंतु दोनों मुख्य बाजार की सड़को का यह आलम है कि यदि आप अच्छे कपड़े पहनकर बाजार चले गए तो आपकी दुर्दशा तय है। वाहनों का तो छोड़िए पैदल चलने लायक भी नहीं है दोनों मुख्य बाजार की सड़के। बरसात के दिनो में थोड़ी से बारिश सड़को को तालाब में तब्दील कर देती है। यही कारण है कि राहगीरों को समझ नहीं आता कि वह बीच सड़क पर चले तो आखिर कैसे, बहुत मुश्किल से लोगों को दोनों किनारे होकर निकलना पड़ता है। अब सवाल यह उठता है कि यदि हम विकास का पैमाना मापे तो उसमें सड़क पहली पंक्ति में आना चाहिए। यदि मुख्य बाजार की सड़को की यह हाल है तो आप प्रखंड के बाकी क्षेत्रों का विकास का अंदाजा लगा ही सकते है। कुछ बुजुर्ग चर्चा कर रहे थे आज से दो दशक पहले जब सड़के पक्की नहीं थी तब भी इतनी खराब हालत नहीं हुआ करती थी। सबसे जरूरी बात की जो जनप्रतिनिधि और आला अधिकारी विकास की खोखली बाते करते है उन्हें एक बार बरसात के दिनो में इन सड़क से पैदल जरूर गुजरना चाहिए। हालांकि विकास की खोखली दावों को अब जनता भी अच्छे से समझने लगी है। यदि अतिशीघ्र खोखले विकास की दावों पर ईमानदारी से कार्य नहीं किया गया तो जनता है सब जानती है।
राजपुर बाजार में सड़क पर जल जमाव से राहगीर परेशान
