Skip to main content

Birsa Times

उत्तराखंड: सड़क हादसों में हर महीने 110 से ज्यादा लोग गंवा रहे जान, 7 महीने में 775 मौतें; ब्लैक स्पॉट बने चुनौती

उत्तराखंड: सड़क हादसों में हर महीने 110 से ज्यादा लोग गंवा रहे जान, 7 महीने में 775 मौतें; ब्लैक स्पॉट बने चुनौती

देहरादून: उत्तराखंड में सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। वर्ष 2026 के शुरुआती सात महीनों में ही राज्य में 775 लोगों की सड़क हादसों में मौत हो चुकी है। यह आंकड़ा बताता है कि राज्य में औसतन हर दिन करीब तीन लोगों की जान सड़क दुर्घटनाओं में जा रही है।

उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 में उत्तराखंड में सड़क दुर्घटनाओं में 1,285 लोगों की मौत हुई थी। वहीं, 2026 में जुलाई तक 775 मौतें दर्ज हो चुकी थीं। यानी इस अवधि में हर महीने औसतन 110 से ज्यादा लोगों की जान सड़क हादसों में गई।

लगातार बढ़ रहा हादसों का आंकड़ा

उत्तराखंड परिवहन विभाग के आंकड़ों में भी पिछले कुछ वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं और मौतों में बढ़ोतरी का रुझान दिखाई देता है। वर्ष 2022 में राज्य में 1,674 सड़क दुर्घटनाओं में 1,042 लोगों की मौत हुई थी। 2023 में 1,691 दुर्घटनाओं में 1,054 मौतें, जबकि 2024 में 1,747 दुर्घटनाओं में 1,090 लोगों की जान गई।

वर्ष 2025 में दुर्घटनाओं का आंकड़ा बढ़कर 2,121 हो गया और इनमें 1,285 लोगों की मौत हुई। इस दौरान 1,925 लोग घायल हुए।

इन जिलों में सबसे ज्यादा हादसे

राज्य के 13 जिलों में देहरादून, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और हरिद्वार में सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों का आंकड़ा सबसे अधिक बताया गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क की स्थिति, गड्ढे, सुरक्षा अवरोधों की कमी और रात में वाहन चलाना दुर्घटनाओं के प्रमुख जोखिमों में शामिल बताए गए हैं।

आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2019 में उत्तराखंड में 1,353 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं, जिनमें 866 लोगों की मौत हुई। वर्ष 2020 में दुर्घटनाओं की संख्या घटकर 854 और मौतों का आंकड़ा 674 रहा। इसके बाद दुर्घटनाओं और मौतों की संख्या में फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई।

2026 में जुलाई तक 775 मौतें

2026 के पहले सात महीनों में 775 लोगों की मौत का आंकड़ा सामने आया है। वर्ष 2025 में जुलाई तक 795 मौतें दर्ज हुई थीं। यानी 2026 में जुलाई तक मौतों का आंकड़ा पिछले साल की समान अवधि से कुछ कम रहा, लेकिन पूरे वर्ष के आंकड़े को देखते हुए सड़क सुरक्षा अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है।

उत्तराखंड परिवहन विभाग के उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सुरक्षित सड़क ढांचे, प्रभावी यातायात नियंत्रण और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों पर लगातार ध्यान देने की जरूरत है।

administrator

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *