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गावां में बंद माइका खदान बनी कालः 10 वर्षीय राजवीर की मौत, वन विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल

गावां में बंद माइका खदान बनी कालः 10 वर्षीय राजवीर की मौत, वन विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल

गावां। गावां थाना क्षेत्र के नीमाडीह पंचायत अंतर्गत चरकी गांव के पास बुधवार को बंद पड़ी माइका खदान की चाल धंसने से 10 वर्षीय मासूम की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक अन्य बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान चरकी निवासी विजय राय के पुत्र राजवीर राय (10 वर्ष, कक्षा 4) के रूप में हुई है। जबकि एक अन्य बच्चा सत्यम कुमार पिता महेन्द्र रॉय (उम्र लगभग 11 वर्ष) गंभीर रूप से घायल है।

जिसका इलाज चल रहा हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राजवीर और सत्यम जानकी पहाड़ी की ओर ढिबरा चुनने गया था। जब बच्चे खदान में उतरे इसी दौरान अचानक मिट्टी और पत्थर की चाल भरभराकर गिर गया जिसमें दोनों बच्चे मलबे में दब गया। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत से उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक राजवीर की सांसे थम चुकी थीं। जानकारी मिलते ही पुलिस ने शव को जब्त कर तराई पिकेट लाया और फिर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल गिरिडीह भेज दिया। हादसे को लेकर दो बातें सामने आ रही हैं। खबरों में दिखाया जा रहा हैं कि बच्चा मिट्टी लाने गया था, जबकि प्रामीणों और बच्चें के करीबी रिश्तेदारों का कहना है कि बच्चे बंद पड़े ढिबरा खदान में माइका चुनने गए थे। पुलिस दोनों पहलुओं पर जांच कर रही है, लेकिन सच्चाई यही है कि मौत का कारण को बंद पड़ा खदान है। वन विभाग पर सवाल उठता है कि गावां-तिसरी क्षेत्र में सैकड़ों माइका खदान में गरीब परिवार के महिला पुरुष और बच्चे अपना पेट भरने के लिए अपनी जान का प्रवाह किये बिना मजबूरी में काम कर रहे हैं। ये कोई पहली घटना नहीं है जिसमें बच्चे की मौत हुई है, इससे पहले भी ऐसे कई मामले हुये हैं जिसका खुलासा बन विभाग और प्रशासन ने नहीं किया ना ही कोई कार्रवाई हुई और ना ही मृतक के परिजनों को कोई मुआवजा मिला। दूसरी बात बहुत सारे खदान खुली छोड़ दी गई हैं। न घेराबंदी की गईं हैं न चेतावनी बोर्ड, न सुरक्षा गार्ड लगाया गया है।

वन विभाग की लापरवाहीः अधिकांश खदानें वन भूमि पर हैं। वन विभाग ने आज तक न तो इन्हें भरा और न ही खतरनाक घोषित कर बैरिकेडिंग की गई है। बन विभाग मौन धारण किए हुए है। सबसे बड़ी बात रोजगार न होने कारण छोटे-छोटे बच्चे 50-100 रुपये के लिए जान जोखिम में डालकर खदनों में उतर रहे हैं। यह बाल श्रम और प्रशासनिक विफलता दोनों है। एक ओर चाइल्ड हेल्प लाइन के नाम कई एनजीओ चलाए जा रहे हैं लेकिन सिर्फ दिखावे के लिए, कोई ठोस कदम नहीं। ग्रामीणों और ने मांग की है कि मृतक के परिजनों को अविलंब मुआवजा दिया जाय तथा सभी बंद खदानों की घेराबंदी या डोजरिंग किया जाय और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो। गावां थाना प्रभारी जय प्रकाश कुमार और प्रभारी अंचल अधिकारी अभिषेक कुमार ने स्थल का जायजा लिया। थाना प्रभारी ने बताया कि कांड दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।

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