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धरहरा में वनकर्मियों की नाक के नीचे से दिनदहाड़े लाखों की सिल्ली लदा ट्रैक्टर लेकर भागे वन ‘माफिया’

धरहरा में वनकर्मियों की नाक के नीचे से दिनदहाड़े लाखों की सिल्ली लदा ट्रैक्टर लेकर भागे वन ‘माफिया’

-ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यशैली पर उठाए सवाल
रंजीत विद्यार्थी
मुंगेर: जिलें के धरहरा वन क्षेत्र कार्यालय की सक्रियता और वन सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। वन क्षेत्र कार्यालय के कर्मियों के द्वारा सिल्ली लदा ट्रैक्टर को पकड़ने की कोशिश करने के बावजूद दिनदहाड़े पेड़ की सिल्ली से लदा एक ट्रैक्टर इलाके की मुख्य सड़क से होकर निकल गया। सूचना मिलने पर वन विभाग के फॉरेस्टर ने ट्रैक्टर का पीछा भी किया, लेकिन चालक कुदरताबाद के पास से ट्रैक्टर लेकर बरमसिया की ओर भाग निकला।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दशरथपुर-बंगलवा मुख्य सड़क पर बंगलवा की ओर से एक ट्रैक्टर पर वन क्षेत्र से पेड़ की काटी गई सिल्ली लादकर लकड़ी कारोबारी जा रहा था। इसकी सूचना धरहरा वन क्षेत्र कार्यालय के फॉरेस्टर को मिली। सूचना मिलते ही फॉरेस्टर ने ट्रैक्टर का पीछा शुरू किया। वनकर्मी को पीछे आता देख चालक ने कुदरताबाद के समीप रास्ता बदल लिया और ट्रैक्टर लेकर बरमसिया की ओर निकल गया।

दिन के उजाले में लकड़ी की ढुलाई से उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में वन विभाग की कार्यशैली को लेकर नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वन विभाग के कर्मियों ने समय रहते तत्परता दिखाई होती और सड़क पर लकड़ी से लदे वाहनों की नियमित जांच की जाती तो अवैध लकड़ी के कारोबार में संलिप्त लोगों पर कार्रवाई संभव थी। ग्रामीणों के अनुसार, जंगलों से पेड़ों की अवैध कटाई और लकड़ी की ढुलाई कोई छिपी हुई गतिविधि नहीं है। इसके बावजूद दिन के उजाले में ट्रैक्टर पर भारी मात्रा में पेड़ की सिल्ली लेकर मुख्य सड़क से गुजर जाना वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है।

पीछा करने तक सीमित रही कार्रवाई
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक वन विभाग के फॉरेस्टर ने ट्रैक्टर को पकड़ने के लिए पीछा किया, लेकिन चालक उसे लेकर फरार होने में सफल रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि वनकर्मियों ने मौके पर घेराबंदी या स्थानीय स्तर पर सहयोग लेकर कार्रवाई की होती तो ट्रैक्टर और उस पर लदी लकड़ी को जब्त किया जा सकता था। स्थानीय लोगों ने वन विभाग के वरीय अधिकारियों से क्षेत्र में नियमित गश्ती बढ़ाने, मुख्य सड़कों पर लकड़ी लदे वाहनों की जांच करने तथा जंगलों में पेड़ों की अवैध कटाई पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि वन संपदा की सुरक्षा की जिम्मेदारी विभाग की है और ऐसी घटनाओं से विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठते हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि ट्रैक्टर पर लदी लकड़ी कहां से काटी गई थी और इसे कहां ले जाया जा रहा था। वहीं इस संबंध में वनों के क्षेत्र पदाधिकारी नीरज कुमार सिंह ने बताया कि एक मोटरसाइकिल को जब्त किया गया है। साथ ही अवैध वन कारोबारियों की पहचान कर ली गई है। सभी कारोबारियों पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

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