ब्यूरो चीफ, मुंगेर
मुंगेर। मिनी गन फैक्ट्री संचालन के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सप्तम संतोष कुमार की अदालत ने मंगलवार को अभियुक्त मो. इरफान उर्फ पप्पू को आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं में दोषी पाते हुए कुल 7 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने अभियुक्त पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
मुख्य बिंदु :
- आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं में 2, 3 और 7 वर्ष की सजा
- अदालत ने 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया
- जुर्माना नहीं देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास
- 2014 में छापेमारी के दौरान मिनी गन फैक्ट्री का हुआ था खुलासा
- अभियुक्त के पास से दो पिस्टल और हथियार बनाने के उपकरण बरामद हुए थे
सत्र वाद संख्या 721/2014 में सजा के बिंदु पर सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने यह फैसला सुनाया। इससे पहले 11 अगस्त को अदालत ने मो. इरफान को दोषी करार दिया था। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक मो. शहजादा ने बहस में हिस्सा लिया।
गुप्त सूचना पर हुई थी छापेमारी
मामला 7 जनवरी 2014 की देर रात का है। मुफस्सिल थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष को सूचना मिली थी कि पोपल यादव की फरदा दियारा स्थित झोपड़ी में बरदह गांव के बंदूक कारीगरों द्वारा अवैध हथियार बनाए जा रहे हैं। सूचना वरीय अधिकारियों को देने के बाद पुलिस टीम गठित कर मौके पर छापेमारी की गई।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा किया। मौके पर मौजूद मो. इरफान उर्फ पप्पू की तलाशी लेने पर उसके कमर से दो पिस्टल बरामद किए गए। इसके अलावा हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न उपकरण और औजार भी बरामद किए गए थे।
इस संबंध में मुफस्सिल थाना में कांड संख्या 721/2014 दर्ज किया गया था। मामले में नामजद अन्य अभियुक्त मो. भुटो, मो. सद्दाम और पोपल यादव के खिलाफ अनुसंधान जारी है।
