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शिलॉंग हिंसा के बाद असम-मेघालय सीमा पर तनाव बरकरार; जोराबात पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित।

शिलॉंग हिंसा के बाद असम-मेघालय सीमा पर तनाव बरकरार; जोराबात पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित।

पंकज नाथ
असम।
मेघालय के शिलॉंग में बुधवार को खासी स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) के काले झंडे के दौरान आयोजित रैली में हुई हिंसा के एक दिन बाद भी असम-मेघालय सीमा पर तनाव जारी रहा। कल की रैली के दौरान काफ़ी संख्या में लोग घायल हुए और कई वाहन—जिनमें असम के रजिस्ट्रेशन वाले वाहन भी शामिल हैं—को नुकसान पहुँचा, जिसके बाद गुरुवार को असम के जोराबात पर माहौल तन गया है। जोराबात, जो मेघालय का प्रमुख प्रवेश द्वार है, पर मेघालय रजिस्ट्रेशन वाहनों की आवाजाही भारी रूप से प्रभावित रही। असम के टैक्सी चालकों और गैर सरकारी परिवहन कर्मियों ने बुधवार की घटनाओं के विरोध में प्रदर्शन किया और चेतावनी दी कि मुद्दा सुलझाए बिना मेघालय के पंजीकृत वाहनों को असम में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार कई असम-आधारित पर्यटक वाहन भी वहीं फँस गए। एक असम के परिवार ने दावा किया कि वे शिलॉंग जा रहे थे तभी उनकी गाड़ी पर अचानक हमला हुआ। परिवार के मुताबिक कार की खिड़कियाँ, फ्रंट विंडशील्ड और रियर ग्लास तोड़ दिए गए; बच्चे को कांच लगने से चोट आई। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें पिता कार की क्षति दिखाते और हमले का वर्णन करते दिखे। यह आरोप सरकारी जांच में दर्ज किए जाने की बात कही जा रही है।रैली के दौरान हुई हिंसा
KSU द्वारा आयोजित काले झंडे की मोटरसाइकिल रैली के दौरान कई जगह तनाव भड़क गया और कुछ व्यक्तियों पर हमला तथा वाहन नुकसान के मामले आए। रिपोर्टों के अनुसार निजी कारें, सरकारी वाहन और असम के रजिस्ट्रेशन वाले वाहन भी निशाना बने। कुछ स्थानों पर वाहनों में आग लगाने और लोगों के घायल होने की भी खबरें आईं। घटनास्थल पर कुछ लोग मास्क पहने दिखे और कुछ जगहों पर KSU के पक्ष में नारे भी सुने गए। अभी तक हमलों में शामिल लोगों की पहचान या उनकी संबद्धता स्वतंत्र रूप से स्थापित नहीं हो पाई है। जोराबात और सीमावर्ती इलाक़ों में बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी तरह की आग की चिंगारी रोकी जा सके और कानून-व्यवस्था बनी रहे। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने घटनाओं की विस्तृत जांच शुरू करने की बात कही है। परिवहन संघ एवं चालकों ने भी संबंधित अधिकारियों से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।घटनाओं ने सीमावर्ती यात्रियों, पर्यटकों और वाणिज्यिक ऑपरेटरों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है और असम–मेघालय के बीच पर्यटन तथा आवागमन पर प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और निर्देशों का पालन करने का आह्वान किया है। असम सरकार और मेघालय सरकार इस मामले को हल करने के लिए आपस में बातचीत चला रहे है।

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