-प्रसव कराकर लौट रही थी महिला, ठेकेदार की लापरवाही पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा,
-दो पुत्र और एक पुत्री के सिर से उठा मां का साया, मुआवजे व गड्ढे भरवाने की उठी मांग
आदिवासी एक्सप्रेस / संतोष कुमार दास
चतरा : हंटरगंज थाना क्षेत्र के तरवागाड़ा पंचायत अंतर्गत राहरबार नहर के समीप सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से 52 वर्षीय विधवा महिला रामपतिया देवी की मौत हो गई। मृतका की पहचान राहरबार गांव निवासी स्वर्गीय विदेशी दास की पत्नी के रूप में हुई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों और ग्रामीणों ने इस हादसे के लिए निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रशासन से मुआवजे और कार्रवाई की मांग की। परिजनों के अनुसार रामपतिया देवी वर्षों से गांव में प्रसव कराने का कार्य करती थीं। सोमवार सुबह वह गांव के शंभू भुइयां के घर प्रसव कराने गई थीं। प्रसव कराने के बाद वह नहर किनारे स्थित पानी से भरे गहरे गड्ढे के पास कपड़े धोने पहुंचीं। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चली गईं। सामने से गुजर रहे एक व्यक्ति ने उन्हें डूबते देखा और बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए।ग्रामीणों और परिजनों का आरोप है कि गोलाई नहर से सुग्गी गांव तक चल रहे निर्माण कार्य के दौरान ठेकेदार द्वारा मिट्टी निकालने के लिए कई गहरे गड्ढे खोदे गए थे। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी इन गड्ढों को नहीं भरा गया। बारिश का पानी भर जाने से ये गड्ढे अब जानलेवा बन चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इन गड्ढों को भर दिया जाता, तो यह हादसा टाला जा सकता था।घटना की सूचना मिलने पर हंटरगंज पुलिस इंस्पेक्टर सह थाना प्रभारी विपिन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों और परिजनों को समझाकर शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, चतरा भेज दिया। मामले की जांच की जा रही है। बताया जाता है कि रामपतिया देवी के पति का तीन वर्ष पूर्व निधन हो चुका था। पति की मौत के बाद वह प्रसव कराने का कार्य कर अपने दो पुत्रों और एक पुत्री का पालन-पोषण कर रही थीं। उनकी असामयिक मौत से दो पुत्रों और एक पुत्री के सिर से मां का साया उठ गया, जिससे पूरा परिवार गहरे सदमे और आर्थिक संकट में आ गया है।घटना की सूचना मिलने पर मुखिया प्रतिनिधि दिलीप दास भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी और प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने तथा नहर किनारे बने सभी जानलेवा गड्ढों को तत्काल भरवाने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में ऐसे हादसे दोबारा हो सकते हैं।

