-आरोपी द्वारा नाबालिक युवती को दो दिनों तक घर में बंधक बनाकर रखा,किया यौन शोषण
-युवती के परिजनों ने दो दिनो से बच्ची को खोजबीन में लगे रहे, बगल के ही युवक ने युवती को किया था अपराहन
टंडवा : चतरा। मंगलवार को टंडवा थाना क्षेत्र में नाबालिग युवती के अपहरण और यौन शोषण के बाद भड़की हिंसा में मॉब लिंचिंग का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों के हमले में गंभीर रूप से घायल 32 वर्षीय मोहम्मद इमरोज़ अंसारी की इलाज के दौरान हजारीबाग सदर अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मॉब लिंचिंग में शामिल 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार,16 वर्षीय हिंदू नाबालिग युवती को अगवा कर दो दिनों तक बंधक बनाकर रखने और यौन शोषण करने का आरोप मोहम्मद इमरोज़ और उसके पिता मोहम्मद सुल्तान पर लगा है। परिजनों द्वारा दो दिनों से खोजबीन की जा रही थी। इस बीच पीड़िता शौचालय जाने के बहाने किसी तरह चंगुल से भाग निकली और घर पहुँचकर परिजनों को आपबीती बताई।
घटना की खबर फैलते ही स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए और आरोपी इमरोज़ व उसके पिता पर हमला कर दिया। सूचना मिलते ही टंडवा पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को संभाला और घायल इमरोज़ को अस्पताल पहुँचाया, जहाँ इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। आरोपी का पिता सुरक्षित बताया जा रहा है।
तनाव को देखते हुए पुलिस अधिकारी तैनात
फिहाल तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए टंडवा डीएसपी और सिमरिया एसडीओ पुलिस बल के साथ मौके पर कैंप कर रहे हैं। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार फ्लैग मार्च किया जा रहा है।
हाल हीं में 28 जुलाई को भी एक युवती को बहला फुसलाकर के आसिफ अंसारी पिता नसीम मियां द्वारा शादी करने के बहाने चार दिनों से युवती को बाहर ले भागा था। टंडवा पुलिस द्वारा आरोपी को पड़कर चतरा जेल भेजा गया है।
थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर पप्पू कुमार शर्मा का बयान :-
कानून को हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं है। मॉब लिंचिंग के मामले में संलिप्त 8 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है और अन्य की पहचान की जा रही है। इलाके में स्थिति नियंत्रण में है।
