अजय कुमार कुशवाहा ब्यूरो आदिवासी एक्सप्रेस
बरहरवा थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अवैध हथियार के साथ एक युवक को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी के कब्जे से पांच जिंदा कारतूस से लोडेड एक देशी पिस्टल के अलावा दो प्रकार के संदिग्ध पदार्थ भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया है। साथ ही बरामद संदिग्ध पदार्थों की जांच भी कराई जा रही है।
बरहरवा पुलिस निरीक्षक संतोष राणा ने बताया कि मंगलवार को पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ग्राम सिरासिन की ओर एक लाल रंग के टेम्पो से एक व्यक्ति अवैध हथियार एवं अन्य अवैध पदार्थ लेकर गुजरने वाला है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल वरीय पुलिस अधिकारियों को अवगत कराया गया। उनके निर्देश पर गश्ती दल तथा फुटानी मोड़ स्थित पुलिस चेकनाका पर तैनात पुलिसकर्मियों को संबंधित वाहन की सघन जांच करने का निर्देश दिया गया।
निर्देश मिलते ही पुलिस टीम ने रणनीतिक ढंग से घेराबंदी कर संदिग्ध टेम्पो को रोककर उसकी तलाशी ली। जांच के दौरान एक युवक के पास से पांच जिंदा कारतूस से लोडेड एक देशी पिस्टल बरामद हुई। इसके अलावा उसके पास से सफेद रंग का एक संदिग्ध पदार्थ तथा गुलाबी रंग का एक अन्य संदिग्ध पदार्थ भी मिला, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया।
पुलिस अधिकारियों ने जब आरोपी से हथियार रखने का लाइसेंस एवं अन्य वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा तो वह कोई भी कागजात नहीं दिखा सका। साथ ही बरामद हथियार एवं संदिग्ध पदार्थों के संबंध में भी संतोषजनक जवाब देने में असफल रहा। इसके बाद पुलिस ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपनी पहचान एकराम मोमिन, पिता गियासुद्दीन मोमिन, निवासी धरमडांगा, पोस्ट-बेवा, थाना फरक्का, जिला मुर्शिदाबाद (पश्चिम बंगाल) के रूप में बताई। पुलिस ने उसके कब्जे से बरामद देशी पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस तथा दोनों संदिग्ध पदार्थों को विधिवत जब्त कर लिया।
इस संबंध में बरहरवा थाना में कांड संख्या 194/26 दिनांक 28 जुलाई 2026 के तहत आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-बी)(ए), 26 एवं 35 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने स्वीकारोक्ति बयान में अपराध करना स्वीकार किया है। हालांकि पुलिस केवल स्वीकारोक्ति के आधार पर नहीं, बल्कि पूरे मामले की वैज्ञानिक एवं तकनीकी तरीके से जांच कर रही है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद देशी पिस्टल और कारतूस कहां से लाए गए थे, संदिग्ध सफेद एवं गुलाबी पदार्थ क्या हैं तथा आरोपी का संबंध किसी अंतरराज्यीय हथियार तस्कर गिरोह या अन्य आपराधिक नेटवर्क से तो नहीं है। बरामद संदिग्ध पदार्थों को जांच के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, ताकि उनकी वास्तविक प्रकृति का पता चल सके।
इस सफल छापेमारी अभियान में थाना प्रभारी सुमित कुमार सिंह, पुलिस पदाधिकारी जलेन्दर रजक, हवलदार धर्मेन्द्र मड़ैया, हवलदार सुनील टुडू तथा बरहरवा थाना के सशस्त्र बल के जवानों की सक्रिय भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में अवैध हथियारों एवं अपराध पर अंकुश लगाने के लिए आगे भी इसी प्रकार विशेष अभियान जारी रहेगा।

