रिपोर्ट – रवि कुमार
गुरुआ (गयाजी): गुरुआ प्रखंड मुख्यालय से सटे श्रीराम बिगहा गांव में पहली ही बारिश ने नाली-गली की बदहाल व्यवस्था की पोल खोल दी। गांव के दो दलित परिवारों के घरों के बाहर करीब तीन फीट तक पानी जमा हो गया, जिससे लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया।सुबह का नजारा ऐसा था मानो घरों के सामने तालाब बन गया हो। पानी भर जाने से लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। सबसे अधिक परेशानी छोटे-छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है।पीड़ित कृष्णा गहलौत एवं सुमेंद्र पासवान ने बताया कि गांव में नाली व गली नहीं होने के कारण पहली ही बारिश में उनके घरों के बाहर भारी जलजमाव हो गया। पानी मवेशियों के बाड़े तक पहुंच गया, जिससे पशु पूरी रात खड़े रहने को मजबूर रहे। सुबह तक भी पानी नहीं निकलने से मवेशियों को बाहर निकालना संभव नहीं हो सका।ग्रामीणों ने बताया कि जलजमाव के कारण बच्चों का स्कूल और ट्यूशन जाना भी मुश्किल हो गया है। घर के अंदर और बाहर आवागमन बाधित हो गया है तथा गंदे पानी से बीमारी फैलने का भी खतरा बढ़ गया है।पीड़ित परिवारों का आरोप है कि दलित बस्ती होने के कारण वर्षों से उनकी उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों ने आज तक नाली-गली निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की, जिससे हर बारिश में यही स्थिति उत्पन्न हो जाती है।ग्रामीणों ने गया के जिलाधिकारी से अविलंब श्रीराम बिगहा गांव की दलित बस्ती में नाली एवं गली निर्माण कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में बारिश के दौरान लोगों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।वही असेवा में वार्ड सदस्य प्रमिला देवी के घर के पास पानी जमा होने से पानी निकालने को लेकर लड़ाई झगड़ा जैसी स्थिति उत्पन हो गई।
पहली बारिश में ही दलित परिवारों के घरों में घुसा पानी, नाली-गली नहीं होने से बढ़ी परेशानी
