गिरिडीह। उपायुक्त रामनिवास यादव के निर्देशानुसार मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत झरियागादी में एक ही परिवार के तीन सदस्यों के बिरयानी खाने के बाद बीमार होने की सूचना प्राप्त होते ही खाद्य सुरक्षा विभाग, गिरिडीह द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए भंडारीडीह के समीप स्थित “झारखंड फास्ट फूड” नामक प्रतिष्ठान का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा टीम ने प्रतिष्ठान के किचन, खाद्य निर्माण प्रक्रिया, स्वच्छता व्यवस्था एवं खाद्य सुरक्षा मानकों का विस्तृत परीक्षण किया। जांच में पाया गया कि किचन की दीवारें एवं एग्जॉस्ट फैन धुएं के कारण अत्यधिक काले एवं गंदे थे, जो स्वच्छता मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। निरीक्षण के समय दुकान में चिकन बिरयानी तैयार की जा रही थी। बिरयानी निर्माण में प्रयुक्त चिकन, मसाले एवं अन्य खाद्य सामग्रियों की गहन जांच की गई, जो प्रथम दृष्टया संतोषजनक पाई गई। हालांकि, बिरयानी निर्माण में उपयोग किए जा रहे पानी की गुणवत्ता संबंधी जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा चिकन बिरयानी का विधिवत खाद्य नमूना संग्रहित कर राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला से जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के उपरांत गुणवत्ता एवं मानकों के अनुरूप आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान में पेस्ट कंट्रोल प्रमाण-पत्र, मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र एवं पेयजल की गुणवत्ता संबंधी जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं पाई गई। साथ ही, किचन में आवश्यक रंग-रोगन एवं स्वच्छता व्यवस्था का भी अभाव पाया गया। इन गंभीर कमियों को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत संबंधित खाद्य कारोबारी पर ₹10,000 का अर्थदंड अधिरोपित किया गया। इसके अतिरिक्त, प्रतिष्ठान को तत्काल प्रभाव से खाद्य कारोबार बंद रखने का निर्देश देते हुए दो दिनों के भीतर सभी आवश्यक खाद्य सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कर खाद्य सुरक्षा विभाग को लिखित रूप से सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित मानकों के अनुपालन की पुष्टि एवं पुनः निरीक्षण के उपरांत ही प्रतिष्ठान को खाद्य कारोबार संचालित करने की अनुमति प्रदान की जाएगी। यह जांच अभियान सुबीर रंजन, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, गिरिडीह-1 के नेतृत्व में संचालित किया गया। इस कार्रवाई में आशुतोष चंद्र गहलौत, पूजा भगत, मनीष कुमार एवं वसीम अकरम ने सहयोग प्रदान किया। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे केवल स्वच्छ एवं मानक अनुरूप प्रतिष्ठानों से ही खाद्य सामग्री क्रय करें तथा खाद्य गुणवत्ता अथवा स्वच्छता संबंधी किसी भी शिकायत की सूचना तत्काल संबंधित विभाग को दें, ताकि समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
बिरयानी खाते ही अस्पताल पहुंचे 3 लोग: गिरिडीह में ‘झारखंड फास्ट फूड’ पर शिकंजा, दुकान सील और 10 हजार का जुर्माना
