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चतरा सदर अस्पताल राज्य का पहला अस्पताल बना जहां एक महिला ने किया दो शवों का पोस्टमार्टम

चतरा सदर अस्पताल राज्य का पहला अस्पताल बना जहां एक महिला ने किया दो शवों का पोस्टमार्टम

राज्य की पहली पोस्टमार्टम करने वाली महिला बनी ममता देवी

आदिवासी एक्सप्रेस / संतोष कुमार दास

चतरा : जिले के सदर अस्पताल चतरा के लिए मंगलवार का दिन ऐतिहासिक बन गया। यह मंगलवार मात्र चतरा जिले के लिए ही नहीं बल्कि पूरे झारखंड के लिए एक मिसाल बन गया।यह मिसाल कायम की चतरा के विंड मोहल्ला की रहने वाली महिला ममता देवी ने। ममता चतरा सदर अस्पताल में दो शवों का पोस्टमार्टम कर संभवत राज्य की पहली पोस्टमार्टम करने वाली महिला बन गई। इसके साथ ही चतरा का सदर अस्पताल राज्य का पहला अस्पताल बन गया जहां एक महिला ने पुरुष के शव का पोस्टमार्टम किया। शव का पोस्टमार्टम करने वाली महिला ममता देवी शहर के बिंड मोहल्ला निवासी दीपू सिंह की पत्नी है। ममता ने अपना पहला पोस्टमार्टम दुर्घटना में मृत राजेश शर्मा के शव का पोस्टमार्टम किया। इस पोस्टमार्टम के एक घंटे के बाद लावालौंग से एक और शव पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल पहुंचा। महिला ने उसका भी पोस्टमार्टम किया।
पोस्टमार्टम कर्मी ने पोस्टमार्टम करने से इनकार किया तो ममता आई सामने
विदित हो कि सदर अस्पताल के नियमित पोस्टमार्टम कर्मी सुखदेव राम के विरुद्ध एक दिन पहले ही शवों का पोस्टमार्टम करने के लिए 5000 रुपए लेने का आरोप लगा है। अस्पताल प्रबंधन ने इस आरोप के आधार पर उसे काम करने से मना कर दिया था। इसके दूसरे ही दिन एक युवक राजेश शर्मा की मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल लाया गया। सुखदेव राम चतरा जिले का एकलौता पोस्टमार्टम कर्मी था। उसे पता था कि जब तक वह पोस्टमार्टम नहीं करेगा तब तक शव का पोस्टमार्टम नहीं होगा। अस्पताल प्रबंधन के लोगों ने सुखदेव राम को शव का पोस्टमार्टम करने के लिए खुब पैरवी किया लेकिन वह पोस्टमार्टम करने से साफ इंकार कर दिया। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन को ममता देवी की याद आई। दरअसल ममता देवी ने कुछ दिन पहले ही सिविल सर्जन को आवेदन दिया था। जिसमें उन्होंने बताया था कि वह पिछले 15 वर्षों से विभिन्न प्राइवेट अस्पतालों में नर्स का काम कर रही है। उसे काम की सख्त जरूरत है। वह पोस्टमार्टम भी कर सकती है। मुसिबत के समय में सिविल सर्जन ने ममता देवी को फोन कर स्थिति से अवगत कराया। ममता देवी न सिर्फ पोस्टमार्टम करने के लिए तैयार हो गई बल्कि 10 मिनट के अंदर पोस्टमार्टम हाउस के पास पंहुच गई। वह पोस्टमार्टम हाउस में अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ पंकज कुमार व डॉ अजहर के साथ मिलकर शव का पोस्टमार्टम किया। महिला को आउटसोर्सिंग से किया जा रहा बहाल : उपाधीक्षक सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ पंकज कुमार ने महिला की तारीफ करते हुए कहा कि आज महिलाएं पुरुष से किसी भी मामले में कम नहीं है। ममता देवी ने इसे साबित भी कर दिया है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम हाउस में शव पर छुड़ा, कैची चलाते समय अच्छे अच्छों का पैर कांपने लगता है। ममता देवी ने पहली बार में ही काफी कुशलता पूर्वक चिकित्सकों के द्वारा बताए गए सभी कार्य किया। उन्होंने कहा कि एक से दो दिनों के अंदर ममता देवी को पोस्टमार्टम कर्मी के रूप में बहाल कर लिया जाएगा।

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