-डाटम गढ़पर में फिर मचा बवाल
-पैसे और सुविधाओं का प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप
-विरोध पर मारपीट का भी दावा, छानबीन में जुटी पुलिस
आदिवासी एक्सप्रेस / संतोष कुमार दास
चतरा : हंटरगंज प्रखंड में कथित धर्मांतरण को लेकर एक के बाद एक शिकायतें सामने आने से मामला अब चर्चा में है।ग्रामीणों का आरोप है कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पैसे, इलाज, बच्चों की पढ़ाई और अन्य सुविधाओं का प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए समझाया जा रहा है। इसी तरह का एक मामला गुरुवार को हंटरगंज थाना क्षेत्र के डाटम गढ़पर गांव में सामने आने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और विरोध शुरू कर दिया।ग्रामीणों ने विरोध के दौरान मारपीट और धमकी देने का भी आरोप लगाया है।ग्रामीणों के अनुसार, गांव में कुछ बाहरी महिलाओं के पहुंचने और स्थानीय महिलाओं को धर्म परिवर्तन के लिए समझाए जाने की जानकारी मिली थी। इसके बाद ग्रामीण सुषमा देवी के घर पहुंचे।ग्रामीणों का दावा है कि वहां एक से दो दर्जन महिलाएं मौजूद थीं। आरोप है कि बिहार से आई महिलाओं की मौजूदगी में स्थानीय महिलाओं को एक धर्म विशेष अपनाने के लिए समझाया जा रहा था। इसके बदले पैसे और अन्य सुविधाएं देने की बात कहे जाने का भी ग्रामीणों ने आरोप लगाया।इसी बात को लेकर ग्रामीणों ने विरोध किया। ग्रामीणों का आरोप है कि विरोध करने पर दूसरे पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडे और ईंट से मारपीट की। कुछ लोगों को कथित रूप से झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दिए जाने का भी दावा किया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
सूचना पर पहुंची पुलिस, मामला कराया शांत
मामले की जानकारी ग्रामीणों ने दूरभाष से हंटरगंज थाना प्रभारी संदीप कुमार को दी।सूचना मिलते ही एएसआई रंजीत कुमार सिंह पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया। पुलिस द्वारा मौके से एक धार्मिक पुस्तक जब्त किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक मामले में थाना में किसी पक्ष की ओर से लिखित आवेदन नहीं दिया गया था।
पहले भी सामने आ चुकी हैं शिकायतें
ग्रामीणों का कहना है कि हंटरगंज प्रखंड में कथित धर्मांतरण को लेकर यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी अलग-अलग गांवों से ऐसी शिकायतें सामने आने का दावा किया गया है।सोहाद, डुमरी कला और धारधारा गांव में भी महिलाओं को धर्म परिवर्तन के लिए समझाने की शिकायत सामने आने की बात ग्रामीणों ने कही है।ग्रामीणों के अनुसार, डुमरी कला में कथित धर्मांतरण की सूचना पर पुलिस के पहुंचने तथा कुछ महिलाओं से पूछताछ किए जाने की बात सामने आई थी। एक धार्मिक पुस्तक बरामद किए जाने का भी दावा किया गया था। वहीं धारधारा में भी महिलाओं को धर्म परिवर्तन के लिए समझाने की शिकायत सामने आने की बात कही गई थी।लगातार सामने आ रही शिकायतों के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि आरोप सही हैं तो ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
झारखंड में धर्मांतरण पर कानून
झारखंड में झारखंड धर्म स्वतंत्र अधिनियम, 2017 लागू है। अधिनियम की धारा 3 के तहत बल, प्रलोभन या कपटपूर्ण तरीके से किसी व्यक्ति का धर्म परिवर्तन कराने या उसका प्रयास करने पर रोक है। सामान्य मामले में उल्लंघन पर तीन वर्ष तक की सजा या 50 हजार रुपये तक जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है। यदि मामला नाबालिग, महिला या अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति से संबंधित हो तो चार वर्ष तक की सजा और एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।अधिनियम के तहत अपराध संज्ञेय और गैर-जमानतीय है तथा ऐसे मामले की जांच पुलिस निरीक्षक से नीचे रैंक के अधिकारी द्वारा नहीं की जा सकती। अभियोजन शुरू करने के लिए जिला दंडाधिकारी या उनके द्वारा अधिकृत अनुमंडल पदाधिकारी स्तर से नीचे नहीं होने वाले अधिकारी की पूर्व स्वीकृति का भी प्रावधान है।ऐसे में डाटम गढ़पर समेत पूर्व में सामने आई शिकायतों में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस के अनुसार मामले में लिखित शिकायत मिलने और जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की स्थिति साफ हो सकेगी।
