आदिवासी एक्सप्रेस बरहरवा प्रतिनिधि
साहिबगंज। साहिबगंज उपायुक्त के निर्देश पर जिला प्रशासन ने अवैध रूप से संचालित ईंट भट्ठों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई तेज कर दी है। माइनिंग इंस्पेक्टर द्वारा पूर्व में सील किए जाने के बावजूद दोबारा ईंट निर्माण कार्य शुरू करना मेंहदीडांगा स्थित शांति ईंट भट्ठा संचालक को महंगा पड़ गया। गुरुवार को जिला खनन टास्क फोर्स की संयुक्त टीम ने बरहरवा प्रखंड क्षेत्र में संचालित करीब एक दर्जन ईंट भट्ठों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सील किए गए शांति ईंट भट्ठे में तैयार की जा रही करीब 35 हजार कच्ची ईंटों को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र के ईंट भट्ठा संचालकों में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, उपायुक्त के निर्देश पर गठित जिला खनन टास्क फोर्स की टीम ने गुरुवार को बरहरवा प्रखंड के विभिन्न इलाकों में अभियान चलाया। टीम ने सिरासिन, मेंहदीडांगा, लालमाटी, फुटानी मोड़ सहित आसपास के क्षेत्रों में संचालित ईंट भट्ठों का बारी-बारी से निरीक्षण किया। इस दौरान जय जवान, सहारा वन, जय किशन, नसीब, जय भारत, गोल्डन, भारत और शांति सहित करीब एक दर्जन ईंट भट्ठों की जांच की गई। अधिकारियों ने भट्ठा संचालकों से संचालन से संबंधित आवश्यक कागजात मांगे और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच-पड़ताल की।
सील के बावजूद निर्माण कार्य जारी रखना पड़ा भारी
निरीक्षण के दौरान मेंहदीडांगा स्थित शांति ईंट भट्ठे में नियमों की अनदेखी कर दोबारा ईंट निर्माण किए जाने का मामला सामने आया। बताया गया कि उक्त भट्ठे को पूर्व में माइनिंग इंस्पेक्टर द्वारा सील किया गया था। इसके बावजूद वहां निर्माण कार्य जारी रखा गया था। इसे गंभीरता से लेते हुए टास्क फोर्स की टीम ने तत्काल कार्रवाई की और भट्ठे में तैयार करीब 35 हजार कच्ची ईंटों को नष्ट करा दिया। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया कि सील किए गए प्रतिष्ठान में बिना अनुमति दोबारा गतिविधियां संचालित करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सीटीओ समेत सभी दस्तावेज रखना अनिवार्य
इस संबंध में जिला खनन पदाधिकारी कृष्ण कुमार किस्कू ने कहा कि जिले में उन्हीं ईंट भट्ठों के संचालन की अनुमति दी जाएगी, जिनके पास सीटीओ (कंसेंट टू ऑपरेट) समेत सभी आवश्यक वैधानिक दस्तावेज उपलब्ध होंगे। बिना जरूरी अनुमति अथवा निर्धारित नियमों का उल्लंघन कर ईंट भट्ठा संचालित करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध खनन, पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी और बिना वैध दस्तावेजों के ईंट निर्माण के मामलों में प्रशासन किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ईंट भट्ठों की जांच का अभियान आगे भी जारी रहेगा। जिन संचालकों के दस्तावेज अधूरे पाए जाएंगे अथवा जो निर्धारित नियमों के विरुद्ध भट्ठों का संचालन करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस विशेष जांच अभियान में जिला खनन पदाधिकारी कृष्ण कुमार किस्कू, माइंस इंस्पेक्टर राजेश कुमार, राजमहल अनुमंडल पदाधिकारी सदानंद महतो, बरहरवा अंचलाधिकारी अनोज कुमार, बरहरवा थाना प्रभारी रूपेश कुमार यादव सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मी मौजूद थे। अधिकारियों ने विभिन्न भट्ठों का निरीक्षण कर संचालकों को नियमों का पालन करने और सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध रखने का निर्देश दिया। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित ईंट भट्ठों पर नियंत्रण और खनन एवं पर्यावरण संबंधी नियमों के अनुपालन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

