
पलामू। झारखंड के पलामू जिले में पारिवारिक प्रताड़ना से जुड़ा एक दर्दनाक मामला सामने आया है। हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के मोहम्मदाबाद गांव में 20 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पुलिस ने उसके पिता और सौतेली मां को गिरफ्तार किया है। मृतका की बहन ने दोनों पर लगातार मारपीट और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की है।
मृतका की पहचान अफसाना परवीन के रूप में हुई है। उसकी बहन अजमेरी बीबी ने 4 नवंबर को हुसैनाबाद थाने में लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया कि अफसाना को उसके पिता रहुफ अंसारी और सौतेली मां जूही परवीन लगातार प्रताड़ित करते थे। घर में उसके साथ मारपीट भी की जाती थी।
मौत से एक रात पहले बहन को फोन कर बताई थी आपबीती
शिकायत के अनुसार, 3 नवंबर की रात करीब 11 बजे अफसाना ने अपनी बहन को फोन किया था। उसने घर में हो रही मारपीट और प्रताड़ना की जानकारी दी थी। आरोप है कि उसने प्रताड़ना से परेशान होकर खुदकुशी कर लेने की बात भी कही थी।
अफसाना ने अपने बहनोई को मोबाइल संदेश के जरिए भी अपनी परेशानी बताई थी। इसके अगले दिन उसकी मौत की खबर सामने आई, जिसके बाद परिवार और गांव में मातम पसर गया। घटना के बाद बहन ने पिता और सौतेली मां के खिलाफ पुलिस से कार्रवाई की मांग की।
पिता और सौतेली मां गिरफ्तार, BNS की धाराओं में केस दर्ज
हुसैनाबाद के एसडीपीओ दिव्यांश शुक्ल ने गुरुवार को बताया कि लिखित शिकायत के आधार पर हुसैनाबाद थाना कांड संख्या 223/26 दर्ज किया गया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 और 35(3) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई।
अनुसंधान के दौरान पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों नामजद आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपितों में मोहम्मदाबाद निवासी 50 वर्षीय रहुफ अंसारी और उनकी 35 वर्षीय पत्नी जूही परवीन शामिल हैं।
पुलिस मामले से जुड़े अन्य साक्ष्य जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना को नजरअंदाज न करें : पुलिस
पलामू पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लें। यदि कोई व्यक्ति खुदकुशी करने की बात कहता है, तो उसे अकेला न छोड़ें और तत्काल पुलिस को सूचना दें।
अफसाना की मौत ने घरेलू प्रताड़ना की शिकायतों पर समय रहते हस्तक्षेप और पीड़ितों को मदद पहुंचाने की जरूरत को फिर से सामने ला दिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
