-वन विभाग की कार्य शैली पर उठे सवाल, आखिर तीन दिनों के अंदर दो की हुई मौत
गावां। गावां प्रखंड अंतर्गत कई अवैध खदान बड़े ही रूप से संचालित है, ना उसे वन विभाग द्वारा कोई ठोस कदम उठाया गया है ना ही उसे पूरी तरह से घेराबंदी की गई है और ना ही उसे किसी प्रकार का जमीनदोज किया गया है। जिसका खामियाजा यहां के ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है ऐसी ही ताजा घटना खदान में चाल धसने से एक बच्चे की मौत हो गई। वहीं दूसरे दिन अंतर्गत गदर पंचायत भवन के पीछे गुरुवार की शाम लगभग 4:00 बंद खदान में डूबने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। 24 घंटे के बाद कड़ी मकसद के साथ शव को बाहर निकाला गया। शव निकलते ही स्वजन एवं महिलाओं की चित्कार पूरे माहौल गमगीन हो गया, पुलिस ने शव को जप्त कर गावां थाना ले आई और आगे के कार्रवाई में जुट गया है। मिली जानकरी के अनुसार गदर निवासी मनोज यादव गुरुवार की दोपहर बंद खदान के समीप पशुओं को खेतों मे चरा रहा था इसी दौरान पीछे से अचानक पैर फिसलने की वजह से वह बंद खदान के गहरे पानी में डूब गया पशुओं को चरा रही महिला ने हो हल्ला किया। इसके बाद ग्रामीणो नें काफी प्रयास किया लेकिन शव को बाहर नहीं निकाल पाया। इधर सूचना गावां थाना पुलिस को दी गई, गावां थाना प्रभारी दलबल के साथ पहुंचे और स्थानीय पुलिस प्रशासन की मदद से बचाव राहत कार्य चलाया गया। लेंकिन शव बाहर नहीं निकाल पाया, शुक्रवार की दोपहर करीब 24 घंटे के बाद खदान से चार- पांच फीट पानी बाहर निकलने के बाद झगड़ डालकर शव कों बाहर निकाला गया, वहीं गावां थाना पुलिस ने शव को जप्त कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल गिरिडीह भेज दिया। वहीं परिजनों ने बताया कि मनोज यादव बाहर में रहकर ट्रक चलाता था गत दो-तीन साल से वह गांव में रहकर खेती का कार्य कर रहा था वह अपने पीछे दो लड़का और एक लड़की को छोड़ गया। सूचना के बाद गदर पंचायत के मुखिया पति दिनेश्वर यादव, पूर्व मुखिया ब्रह्मदेव शर्मा समेत कई जनप्रतिनिधि लोग घटनास्थल पर पहुंचकर लोगों का ढाढस बंधाया। वहीं परिवार के प्रति संवेदना जाहिर की है।
बंद खदान में डूबने से एक व्यक्ति की हुई मौत, गांव में पसरा मातम
