-नयारामनगर और कासिम बाजार थाना क्षेत्र में धावा दल का छापा
-होटल-गैराज से छुड़ाए गए नाबालिग, मालिकों पर होगी एफआईआर
-रंजीत विद्यार्थी
मुंगेर : जिले में बाल श्रम के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए गुरुवार को विशेष अभियान चलाया। श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी विक्रम कुमार के नेतृत्व में गठित धावा दल ने शहर के विभिन्न इलाकों में दुकानों, होटलों, रेस्टोरेंट, मॉल और गैराजों में सघन जांच की।
इस छापेमारी के दौरान नयारामनगर थाना क्षेत्र से तीन और कासिम बाजार थाना क्षेत्र से दो, कुल पांच बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया। मुक्त कराए गए सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत करने के बाद बाल गृह भेज दिया गया है।
श्रम अधीक्षक दिलीप कुमार झा ने बताया कि बाल श्रम के खिलाफ यह अभियान पूरे जिले में लगातार जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक कुल 29 बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया जा चुका है।
प्रशासन ने दोषी नियोजकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के तहत संबंधित थानों में प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। श्रम अधीक्षक ने चेतावनी दी कि बच्चों से काम कराना गंभीर अपराध है, जिसमें 20 हजार से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना और दो साल तक की जेल का प्रावधान है।
इस धावा दल में सदर के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी विक्रम कुमार के साथ बरियारपुर के अनिकेत, धरहरा के हिमांशु रंजन, असरगंज के कुमार अमन, पैरा लीगल वालंटियर, परिवार विकास NGO की प्रतिनिधि पिंकी कुमारी और स्थानीय पुलिस बल के जवान शामिल थे।
