
रांची। राजधानी रांची के जगन्नाथपुर मंदिर में सुरक्षा गार्ड बिरसा मुंडा की हत्या और दान पेटी से रुपये चोरी करने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, चोरी के दौरान पहचान उजागर होने और पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने गार्ड की हत्या कर दी थी। चोरी के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर मेन रोड इलाके में खरीदारी और मौज-मस्ती पर रुपये खर्च किए।
रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि शुक्रवार को मंदिर परिसर में गार्ड की हत्या और दान पेटी तोड़कर रुपये चोरी किए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। सिटी एसपी पारस राणा और हटिया क्षेत्र की पुलिस टीम के नेतृत्व में जगन्नाथपुर थाना पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के आधार पर संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसके बाद तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हुई।
पत्थर से कुचलकर की गई गार्ड की हत्या
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने सुरक्षा गार्ड बिरसा मुंडा पर पत्थर से हमला कर उनकी हत्या कर दी। घटना में इस्तेमाल किए गए पत्थर और लोहे की छड़ बरामद करने की जानकारी भी पुलिस ने दी है।
जांच में सामने आया कि मंदिर की दान पेटी से करीब तीन लाख रुपये चोरी किए गए थे। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने चोरी की रकम का कुछ हिस्सा मेन रोड में खरीदारी और मौज-मस्ती पर खर्च कर दिया। शेष रकम बरामद कर ली गई है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने मौज-मस्ती के लिए रुपये जुटाने के उद्देश्य से चोरी की योजना बनाई थी।

तीन आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी पहले भी जा चुका है जेल
इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान देव कुमार उर्फ रचित कुमार, विकास महली और आयुष कुमार दत्ता के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, तीनों जगन्नाथपुर इलाके के रहने वाले हैं। इनमें मुख्य आरोपी पहले भी जेल जा चुका है।
पुलिस का कहना है कि चोरी के दौरान पकड़े जाने और पहचान उजागर होने के डर से आरोपियों ने गार्ड की हत्या कर दी। मामले में एक आरोपी के घटना के बाद हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की बात भी सामने आई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। बरामदगी, आरोपियों की भूमिका और अन्य संभावित पहलुओं को लेकर आगे की कार्रवाई जारी है।
एसएसपी ने जगन्नाथपुर मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा
गार्ड हत्याकांड के बाद एसएसपी राकेश रंजन शनिवार को जगन्नाथपुर मंदिर पहुंचे। उनके साथ सिटी एसपी पारस राणा भी मौजूद थे। एसएसपी ने मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मंदिर की सुरक्षा में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए बैरिकेडिंग और प्रवेश-निकास द्वारों का भी निरीक्षण किया गया।
एसएसपी ने मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के लिए अस्थायी कंट्रोल रूम स्थापित करने का निर्देश दिया। पुलिस का जोर मंदिर परिसर की सुरक्षा और श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित बनाए रखने पर है।
