Skip to main content

Birsa Times

EVM से लेकर SIR तक, कांग्रेस पर आदित्य साहू का तीखा हमला: बोले- ‘संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम कर रहे राहुल गांधी’

EVM से लेकर SIR तक, कांग्रेस पर आदित्य साहू का तीखा हमला: बोले- ‘संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम कर रहे राहुल गांधी’

रांची। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर झारखंड में भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से SIR को लेकर उठाए गए सवालों पर प्रतिक्रिया दी है। साहू ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया और सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई का हवाला देते हुए कांग्रेस के आरोपों पर सवाल खड़े किए।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का किया जिक्र

आदित्य साहू ने कहा कि SIR की प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की गई थीं। उनके मुताबिक, अदालत ने प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने के बजाय चुनाव आयोग को मतदाताओं के दावों और आपत्तियों पर विचार करते समय आधार कार्ड, EPIC और राशन कार्ड जैसे दस्तावेजों को भी ध्यान में रखने का निर्देश दिया था।

साहू ने यह भी कहा कि बाद की सुनवाई में राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों को मतदाताओं के दावे और आपत्तियां दाखिल करने में सहायता करने की अनुमति दी गई।

कांग्रेस पर दोहरे मापदंड का आरोप

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस पर SIR को लेकर अलग-अलग राज्यों में अलग रुख अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने पश्चिम बंगाल और केरल का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस की स्थिति एक जैसी नहीं रही है।

साहू ने दावा किया कि SIR की प्रक्रिया के दौरान अवैध और फर्जी मतदाताओं को हटाया गया है। हालांकि, मतदाता सूची में नाम हटाने या जोड़ने से जुड़े दावों को संबंधित चुनावी रिकॉर्ड और आधिकारिक आंकड़ों के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।

चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर भी चर्चा

SIR को लेकर चुनाव आयोग का कहना है कि यह मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया है। दूसरी ओर, विपक्षी दल इस प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठा रहे हैं। इसी राजनीतिक बहस के बीच आदित्य साहू ने राहुल गांधी के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का आरोप लगाया।

राहुल गांधी के बयान पर साहू की प्रतिक्रिया

आदित्य साहू ने राहुल गांधी की राजनीतिक भूमिका और SIR को लेकर उनके बयानों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बनने की आकांक्षा रखने वाले नेता के लिए केवल बयान देना पर्याप्त नहीं है और जनता के बीच जाकर काम करना जरूरी है। यह साहू का राजनीतिक मत है, जिसे उन्होंने राहुल गांधी के बयानों के जवाब में रखा।

SIR को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच जारी इस राजनीतिक विवाद में अब आगे चुनाव आयोग की प्रक्रिया और अदालत में होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण रहेगी।

administrator

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *