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एनजीटी के बैन के बावजूद शिकारीपाड़ा में ब्राह्मणी नदी से बालू का अवैध उत्खनन, बंगाल ले जा रहे तीन ट्रैक्टर जब्त

एनजीटी के बैन के बावजूद शिकारीपाड़ा में ब्राह्मणी नदी से बालू का अवैध उत्खनन, बंगाल ले जा रहे तीन ट्रैक्टर जब्त

आदिवासी एक्सप्रेस।
शिकारीपाड़ा/दुमका।
दुमका जिले के शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत कजलादहा के पास शिकारीपाड़ा पुलिस ने सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए बालू लदे तीन ट्रैक्टरों को जब्त किया है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) द्वारा बालू उठाव पर लगाए गए कड़े प्रतिबंध के बावजूद क्षेत्र में अवैध खनन का खेल धड़ल्ले से जारी था, जिस पर पुलिस की इस अचानक हुई कार्रवाई से बालू माफियाओं में हड़कंप मच गया है। जब्त किए गए तीनों ट्रैक्टरों को पुलिस बल द्वारा शिकारीपाड़ा थाना परिसर लाकर खड़ा करा दिया गया है, जहां पुलिस मामले की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।

क्षेत्र में एनजीटी के नियमों की धज्जियां उड़ाकर बालू का यह अवैध कारोबार लंबे समय से चिंता का विषय बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, एनजीटी बैन की आड़ में बालू माफिया ब्राह्मणी नदी के घाटों से बेखौफ होकर अवैध बालू का उत्खनन कर रहे हैं। रात के अंधेरे और अहले सुबह के समय ट्रैक्टरों के जरिए इस अवैध बालू को सीमा पार पश्चिम बंगाल ले जाकर ऊंचे दामों में बेचा जाता है। पर्यावरण नियमों को ताक पर रखकर की जा रही इस तस्करी पर पुलिस की कार्रवाई को अवैध खनन और तस्करी पर नकेल कसने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। थाना प्रभारी का स्पष्ट कहना है कि एनजीटी के आदेशों का उल्लंघन और क्षेत्र में अवैध बालू की तस्करी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यहां बताते चले कि बालू के अवैध उत्खनन के कारण आज नदी का अस्तित्व खतरे में आ गया है नदी के बीचों बीच आज झाड़ियां उगने लगे है आज ऐसा स्थिति है कि नदी में बालू बहुत कम बचा है जिस कारण माफिया नदी को खोद कर बालू निकाल रहे है इससे आप सोच सकते है बालू माफिया किस कदर शिकारीपाड़ा में हावी है। अभी तो बालू का उठाव पूर्णतः है, बालू माफिया अभी शिकारीपाड़ा के बाजार एवं ग्रामीण इलाकों में NGT का हवाला दे कर बालू ऊंचे दामों में बेच रहे है।

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