-बाढ़ के तेज बहाव के बीच जारी है खतरनाक खेल, जरा सी चूक में जा सकती है जान; प्रशासन और अभिभावकों से तत्काल रोक लगाने की मांग
-आदिवासी एक्सप्रेस पतना प्रतिनिधि
पतना : लगातार बारिश के कारण गुमानी नदी इन दिनों उफान पर है। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ बहाव भी तेज हो गया है, लेकिन इसके बावजूद छोटे-छोटे बच्चे जान जोखिम में डालकर नदी में नहाने के लिए पुल से छलांग लगा रहे हैं। तिलभिट्ठा गांव के समीप स्थित पुल पर आठगवां गांव के बच्चों का यह खतरनाक सिलसिला लगातार जारी है। करीब 20 फीट ऊंचे पुल की रेलिंग पर चढ़कर बच्चे नीचे उफनती नदी में छलांग लगा रहे हैं। बच्चों की इस जानलेवा हरकत ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
रेलिंग पर चढ़कर नदी में लगा रहे छलांग
स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश के बाद गुमानी नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। नदी में पानी का बहाव भी सामान्य दिनों की तुलना में तेज है। इसके बावजूद बच्चे समूह बनाकर पुल के आसपास पहुंच रहे हैं और रेलिंग पर चढ़कर नदी में छलांग लगा रहे हैं। कई बच्चे पुल की रेलिंग पर खड़े होकर नीचे बह रहे पानी का जायजा लेते नजर आते हैं, तो कुछ बिना किसी सुरक्षा के सीधे नदी में कूद रहे हैं।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस दौरान बच्चों की सुरक्षा के लिए वहां कोई इंतजाम या निगरानी नहीं दिख रही है। बच्चों के लिए यह रोमांच भले ही मनोरंजन का साधन हो, लेकिन तेज बहाव वाली नदी में यह खेल कभी भी जानलेवा साबित हो सकता है।
तेज बहाव के बीच बढ़ा हादसे का खतरा
बरसात के मौसम में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ता है और पानी के भीतर गहराई एवं बहाव का सही अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। ऐसे में करीब 20 फीट ऊंचे पुल से नदी में छलांग लगाना बेहद खतरनाक है। छलांग लगाने के दौरान यदि पानी की सतह के नीचे कोई वस्तु हो, शरीर का संतुलन बिगड़ जाए या तेज धारा बच्चे को अपने साथ बहा ले जाए तो बचाव का मौका मिलना भी मुश्किल हो सकता है।
खासकर छोटे बच्चों के लिए यह खतरा और गंभीर है। तैरना आने के बावजूद तेज धार में बह जाने का जोखिम बना रहता है। ऐसे में नदी का जलस्तर कम होने या मौसम सामान्य होने तक बच्चों को नदी से दूर रखना बेहद जरूरी है।
पहले भी सामने आती रही हैं नदी हादसे की घटनाएं
बरसात के दिनों में नदी, तालाब और अन्य जलस्रोतों में नहाने के दौरान हादसों की घटनाएं सामने आती रही हैं। कई बार मौज-मस्ती के दौरान बच्चे गहरे पानी में चले जाते हैं और देखते ही देखते स्थिति गंभीर हो जाती है। इसके बावजूद पुल से नदी में छलांग लगाने का यह खतरनाक सिलसिला चिंता का विषय बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसा होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन को पहले ही एहतियाती कदम उठाने चाहिए। पुल के आसपास निगरानी बढ़ाने के साथ बच्चों और उनके अभिभावकों को खतरे के प्रति जागरूक करना जरूरी है।
अनहोनी से पहले जागरूकता और निगरानी जरूरी
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और अभिभावकों से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि बच्चों को समझाने के साथ-साथ पुल के आसपास नियमित निगरानी की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि वे रेलिंग पर चढ़कर नदी में छलांग न लगा सकें।
लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि बरसात के दौरान गुमानी नदी का जलस्तर बढ़ने पर पुल और नदी के आसपास संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की जाए। अभिभावकों को भी अपने बच्चों पर विशेष नजर रखने की जरूरत है, ताकि किसी संभावित हादसे से पहले ही इस जानलेवा खेल पर रोक लगाई जा सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी का पानी कम होने का इंतजार करने के बजाय अभी से बच्चों को रोकना जरूरी है। एक छोटी सी लापरवाही किसी परिवार के लिए जिंदगी भर का दुख बन सकती है।
