रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 25 मई 2026 को रांची के ऑड्रे हाउस में आयोजित कार्यक्रम में ‘आदिनिवास’ (Adinivaas) डिजिटल ऐप का विधिवत शुभारंभ किया। इस ऐप का उद्देश्य देशभर के आदिवासी समुदाय को एक डिजिटल मंच पर जोड़ना तथा उनकी संस्कृति, भाषा, परंपरा और सामाजिक पहचान को संरक्षित करना है।

आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण पर जोर
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि बदलते डिजिटल दौर में तकनीक का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे समय में आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपरा, भाषा और जीवनशैली को सुरक्षित रखना भी बेहद जरूरी है। आदिनिवास ऐप इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है।
युवा नितिन कुजूर ने तैयार किया ऐप
मुख्यमंत्री ने आदिनिवास ऐप के संस्थापक नितिन कुजूर के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि युवाओं की रचनात्मकता और नई तकनीक के माध्यम से समाज को नई दिशा दी जा सकती है। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म आदिवासी समुदाय के लोगों को आपस में जोड़ने और उनकी प्रतिभा को व्यापक पहचान दिलाने में मददगार हो सकता है।
रोजगार और आर्थिक विकास के अवसरों पर भी फोकस
आदिनिवास ऐप का उद्देश्य केवल सामाजिक जुड़ाव तक सीमित नहीं है, बल्कि आदिवासी युवाओं को रोजगार, व्यवसाय और आर्थिक विकास के अवसरों से जोड़ना भी है। डिजिटल माध्यम से समुदाय के लोगों के बीच संवाद, सहयोग और नेटवर्किंग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने आदिनिवास की पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आदिवासी समाज को अपनी पहचान पर गर्व करते हुए एकजुट होकर प्रगति की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
ऐप के शुभारंभ कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद महुआ माजी, विधायक राजेश कच्छप, आदिनिवास ऐप के संस्थापक नितिन कुजूर तथा सह-संस्थापक मनीष लकड़ा और किरण लकड़ा सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
