-साइबर अपराध के प्रति सतर्क रहें, जागरूक बनें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें
गिरिडीह। गिरिडीह उपायुक्त रामनिवास यादव के नाम एवं पहचान का दुरुपयोग कर फर्जी सोशल मीडिया आईडी संचालित किए जाने का मामला संज्ञान में आया है। उक्त फर्जी आईडी के माध्यम से आमजनों को गुमराह करने तथा साइबर ठगी किए जाने की सूचना प्राप्त हुई है। जिला प्रशासन, गिरिडीह स्पष्ट करता है कि किसी भी अधिकारी के नाम, पदनाम, फोटो अथवा पहचान का दुरुपयोग कर फर्जी सोशल मीडिया आईडी संचालित करना गंभीर मामला है। ऐसे मामलों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आमजनों के लिए सख्त निर्देश एवं अपील
जिला प्रशासन आमजनों से अपील करता है कि सोशल मीडिया पर उपायुक्त अथवा किसी अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी के नाम एवं फोटो से संचालित किसी भी संदिग्ध आईडी पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें। किसी भी प्रकार की धनराशि की माँग किए जाने पर संबंधित कार्यालय के आधिकारिक माध्यम से उसकी पुष्टि अवश्य करें। 1. किसी भी अधिकारी के नाम से आने वाले संदिग्ध संदेशों अथवा आर्थिक सहायता, भुगतान या अन्य लेन-देन संबंधी अनुरोधों पर बिना सत्यापन के कार्रवाई न करें। 2. फर्जी आईडी के माध्यम से किए जा रहे अनुरोधों के आधार पर कोई वित्तीय लेन-देन न करें। 3. ओटीपी, यूपीआई पीन, बैंक खाते से संबंधित गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। 4. ऐसी फर्जी आईडी अथवा संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर संबंधित स्क्रीनशॉट एवं लिंक सुरक्षित रखते हुए तत्काल साइबर थाना अथवा नजदीकी पुलिस थाना को सूचित करें। 5. साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 पर संपर्क करें अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। जिला प्रशासन सभी नागरिकों से अपील करता है कि सोशल मीडिया पर प्राप्त किसी भी सूचना की सत्यता की पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से ही करें। फर्जी आईडी को साझा करने अथवा उसके माध्यम से प्रसारित भ्रामक सूचनाओं पर भरोसा करने से बचें।

