-देश-विदेश के 565 शहरों के 5440 केंद्रों पर 22.79 लाख अभ्यर्थी हुए शामिल
-हर केंद्र पर जैमर का हुआ इस्तेमाल, चौकस रहा प्रशासन
-परीक्षार्थियों को पिछली परीक्षा से अधिक कठिन लगा पेपर
नयी दिल्ली। देश भर के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए नीट-यूजी की पुनर्परीक्षा रविवार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। इसमें लगभग 22.79 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा दोपहर दो बजे शुरू होकर शाम 5:15 बजे तक चली। परीक्षा के लिए देश के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में 5,440 केंद्र बनाये गये। परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाये गये थे। परीक्षा केंद्रों पर बायोमीट्रिक सत्यापन, सीसीटीवी निगरानी और अन्य सुरक्षा उपायों के बीच परीक्षा आयोजित की गयी। परीक्षार्थियों को सुबह 11 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया गया। एक-दो मिनट देर से पहुंचने पर अभ्यर्थियों को प्रवेश से रोक दिया गया। राजस्थान के अजमेर में हिजाब पहन कर आयी एक छात्रा को प्रवेश देने से पहले मना किया गया। काफी बहस के बाद उसे अंदर भेजा गया।

एनटीए ने किये व्यापक इंतजाम
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने परीक्षा की निगरानी और सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्था की थी। एआइ आधारित निगरानी प्रणाली के साथ 1.38 लाख सीसीटीवी कैमरों के जरिये परीक्षा कक्षों पर नजर रखी गयी। इलेक्ट्रॉनिक नकल रोकने के लिए 51 हजार से अधिक सिग्नल जैमर लगाये गये। सुरक्षा व्यवस्था के तहत 6,700 आॅब्जर्वर, एक सौ से अधिक वर्चुअल मॉनिटर, करीब 39 हजार फ्रिस्किंग कर्मी, 48 हजार से अधिक बायोमीट्रिक सत्यापन कर्मचारी और सेंटर सिस्टम आॅफिसर तैनात किये गये थे।
जारी होगी प्रोविजन उत्तर कुंजी
परीक्षा समाप्त होने के बाद एनटीए द्वारा प्रोविजनल उत्तर कुंजी जारी की जायेगी, जिस पर उम्मीदवार आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। आपत्तियों की समीक्षा के बाद अंतिम उत्तर कुंजी प्रकाशित होगी और इसके आधार पर नीट-यूजी का परिणाम घोषित किया जायेगा। परिणाम जारी होने के बाद सफल उम्मीदवारों को काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेना होगा, जिसके माध्यम से मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में सीटों का आवंटन किया जायेगा।

कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा केंद्रों तक पहुंचे प्रश्न पत्र
नीट-यूजी परीक्षा को सुरक्षित और सुचारू रूप से कराने के लिए प्रश्न पत्रों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया गया। इस दौरान स्थानीय पुलिस प्रशासन के अलावा केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों को लगाया गया। प्रश्न पत्रों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के दौरान सुरक्षा और गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा गया।
परीक्षा पैटर्न और अंकन योजना
नीट-यूजी परीक्षा में कुल 180 प्रश्न पूछे गये, जो कुल 720 अंकों के थे। इसमें भौतिकी और रसायन विज्ञान से 45-45 प्रश्न (180-180 अंक) तथा जीव विज्ञान से 90 प्रश्न (360 अंक) शामिल थे। परीक्षा की अंकन योजना के अनुसार प्रत्येक सही उत्तर पर चार अंक दिये जायेंगे, जबकि गलत उत्तर पर एक अंक की नेगेटिव मार्किंग होगी। किसी प्रश्न का उत्तर न देने पर कोई अंक नहीं दिया जायेगा और न ही कोई अंक काटा जायेगा।
इसलिए हुई दोबारा परीक्षा
इस साल नीट-यूजी की परीक्षा 3 मई को आयोजित की गयी थी। 12 मई को इसका पेपर लीक होने की बात सामने आयी। अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों के बाद पिछली परीक्षा रद्द कर दी गयी और 21 जून को पुनर्परीक्षा आयोजित की गयी।
पेपर आसान से मॉडरेट रहा
नीट पुनर्परीक्षा खत्म होने के बाद परीक्षा केंद्रों से निकलते हुए अभ्यर्थियों ने कहा कि पेपर आसान से मॉडरेट था। बायोलॉजी आसान थी, केमिस्ट्री मॉडरेट थी और फिजिक्स पिछली बार से ज्यादा टफ थी। पहली परीक्षा के पेपर आसान थे, लेकिन इस बार कठिन था। कुल मिलाकर अच्छा अनुभव रहा।
परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए एयरपोर्ट पर 45 मिनट तक रुके रहे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नीट-यूजी के परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए करीब 45 मिनट तक दिल्ली हवाई अड्डे पर रुके रहे। पीएम मोदी दिन में करीब 1.15 बजे पश्चिम बंगाल से वापस आये। उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट पर सीधे अपने आवास जाना था, लेकिन उन्होंने कुछ समय के लिए एयरपोर्ट पर ही रुकने का फैसला किया। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने एयरपोर्ट से निकलने में इसलिए देरी की, ताकि परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। अधिकारियों के मुताबिक, यह निर्णय इसलिए लिया गया, ताकि उस अहम समय में राष्ट्रीय राजधानी में यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे, जब हजारों अभ्यर्थी अपने-अपने परीक्षा केंद्रों की ओर जा रहे थे। प्रधानमंत्री के काफिले की आवाजाही के दौरान तय मार्गों पर विशेष ट्रैफिक प्रबंधन और अस्थायी प्रतिबंध लागू किये जाते हैं। ऐसे में उनकी रवानगी में देरी कर छात्रों की आवाजाही पर किसी तरह का असर पड़ने से बचने की कोशिश की गयी। अधिकारियों ने बताया कि दोपहर दो बजे परीक्षा शुरू होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी एयरपोर्ट से अपने आवास के लिए रवाना हुए।

झारखंड में कड़ी सुरक्षा के बीच हुई परीक्षा, चप्पे-चप्पे पर पुलिस रही तैनात
नीट-यूजी पुनर्परीक्षा रविवार को झारखंड के 21 शहरों में स्थित 67 परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित की गयी। इस परीक्षा में राज्यभर से 30 हजार से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए। राजधानी रांची में सर्वाधिक 21 केंद्र बनाये गये थे, जहां 10 हजार से अधिक परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा को निष्पक्ष और कदाचारमुक्त बनाने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किये थे। परीक्षा केंद्रों के आसपास 200 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा (धारा 144) लागू की गयी थी, जिससे अनावश्यक भीड़ पर पूरी तरह रोक रही। चप्पे-चप्पे पर पुलिस को तैनात किया गया था।
