खूंटी। जिले के जरियागढ़ थानांतर्गत बरवादाग जंगल (इंदवन) में रविवार तड़के पुलिस और प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीएलएफआई के एरिया कमांडर श्रवण दास के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें श्रवण दास घायल हो गया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद हथियार बरामदगी के लिए ले जाये जाने के दौरान उसने एक पुलिस अधिकारी की पिस्तौल छीनकर भागने का प्रयास किया और फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी। पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग ने मीडिया को बताया कि बीते कुछ दिनों में तोरपा एवं कर्रा थाना क्षेत्र में पीएलएफआई उग्रवादियों द्वारा लेवी की मांग, फायरिंग एवं आगजनी की घटना को अंजाम दिया गया था। उन कांडों के उद्भेदन एवं छापामारी के लिए एसडीपीओ तोरपा विजय कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित छापामार टीम द्वारा सूचना एकत्रित कर लगातार छापामारी की जा रही थी। इसी क्रम में शनिवार रात गुप्त सूचना के आधार पर अलंकेल के पास सुंदारी जाने वाली रास्ता में छापामारी कर श्रवण दास उर्फ फगुआ दास सहित सात उग्रवादियों को पकड़ा गया।

आरोपितों के पास से पुलिस ने हथियार और कारतूस भी बरामद किये। पूछताछ के दौरान श्रवण दास ने पुलिस को बताया कि कुछ अन्य हथियार बरवादाग जंगल (इंदवन) में छिपाकर रखे गये हैं। इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम रविवार तड़के उसे साथ लेकर जंगल पहुंची। उसकी निशानदेही पर जंगल से दो और हथियार तथा कुछ कारतूस बरामद किये गये। इसी दौरान श्रवण दास ने एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर की पिस्तौल छीन ली और पुलिस टीम पर फायरिंग करते हुए जंगल की ओर भागने का प्रयास किया। पुलिस द्वारा की गयी जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। एसपी ने बताया कि अब तक कुल चार छोटे हथियार जिसमें दो देशी पिस्टल, एक सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल और एक दो नाली देसी कट्टा, 29 कारतूस, पीएलएफआई के पर्चे तथा दो मोबाइल फोन बरामद किये गये हैं। गिरफ्तार नक्सलियों में श्रवण दास उर्फ फगुआ दास (21 वर्ष) के अलावा सुदर्शन सोय उर्फ सुधीर सोय, सलीम बोदरा उर्फ रोड़े सामु डोडराय, विष्णु मांझी उर्फ एडी, हर्षित गुड़िया उर्फ बोयदा पाहन और उमर खान उर्फ नील खान शामिल हैं। छापामार टीम में तोरपा एसडीपीओ विजय कुमार सिंह, तोरपा थाना प्रभारी मनीष कुमार, कर्रा थाना प्रभारी राजू कुमार, रनिया थाना प्रभारी श्यामल कुंभकार, तपकरा थाना प्रभारी सौरभ कुमार, जरियागढ़ थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार, तोरपा थाना के एसआइ राजीव कुमार तुरी सहित सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
