गिरिडीह। जिले के पारसनाथ पहाड़ी क्षेत्र के जिख्वाबेड़ा जंगल से पुलिस और सीआरपीएफ को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान वहां भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है। बरामद सामग्री में करीब पांच किलोग्राम का केन बम और ग्रेनेड बनाने में इस्तेमाल होने वाले लोहे के 38 अर्धनिर्मित शेल शामिल हैं।सुरक्षा बलों को आशंका है कि नक्सलियों ने किसी बड़ी विध्वंसक घटना को अंजाम देने के उद्देश्य से इन सामग्रियों को जंगल में छिपाकर रखा था। बरामदगी के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार और सीआरपीएफ की 154वीं बटालियन के कमांडेंट सुनील दत्त त्रिपाठी को जंगल में विस्फोटक सामग्री छिपाए जाने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया था कि नक्सलियों ने किसी बड़ी वारदात की तैयारी के लिए सामग्री जमा कर रखी है।
इसके बाद पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने संदिग्ध इलाके में तलाशी अभियान चलाया। अपर पुलिस अधीक्षक सुरजीत कुमार और सीआरपीएफ के अभिनव आनंद के नेतृत्व में जवानों ने जिख्वाबेड़ा जंगल के आसपास सघन सर्च किया। इसी दौरान विस्फोटक सामग्री का पता चला। तलाशी के दौरान करीब पांच किलोग्राम का केन बम, लोहे के 38 अर्धनिर्मित ग्रेनेड शेल, 35 मीटर कोडेक्स वायर, इलेक्ट्रिक वायर, ग्रेनेड बनाने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री और एक इमरजेंसी लाइट बरामद की गई। पुलिस का मानना है कि समय रहते विस्फोटक सामग्री बरामद होने से संभावित बड़े हादसे को रोका जा सका है। अब यह जांच की जा रही है कि यह सामग्री जंगल में किसने छिपाई थी, इसका इस्तेमाल कहां किया जाना था और इससे जुड़े कौन लोग सक्रिय हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।
