-दो बैग में मिली रॉयल स्टैग की 35 बोतलें
-शराब छोड़ने के लिए कथित सौदेबाजी की चर्चा से गरमाया मामला
धरहरा (मुंगेर) : शराबबंदी वाले बिहार में धरहरा थाना क्षेत्र के दशरथपुर में शुक्रवार को अंग्रेजी शराब की बड़ी खेप बरामद हुई है। पुलिस ने दो बैग से रॉयल स्टैग ब्रांड की 750 एमएल की 35 बोतल अंग्रेजी शराब जब्त की है। इस दौरान एक सीएनजी ऑटो को भी जब्त किया गया था, लेकिन पूछताछ के बाद ऑटो और उसके चालक को छोड़ दिया गया। वहीं इस कार्रवाई के बाद थाने के एक निजी चालक की भूमिका और कथित सौदेबाजी की चर्चा ने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया है।
सूत्रों के अनुसार शुक्रवार सुबह धरहरा थाने के दो पुलिसकर्मी और एक निजी चालक सादे कपड़ों में आम लोगों की तरह दशरथपुर पहुंचे थे। इसी दौरान सूचना मिली कि एक सीएनजी ऑटो से शराब की खेप ले जाई जा रही है। पुलिस ने ऑटो को रोककर तलाशी ली तो दो बैग में रखी 35 बोतल रॉयल स्टैग शराब बरामद हुई। पुलिस ने शराब जब्त कर ऑटो को भी कब्जे में ले लिया।
निजी चालक की भूमिका पर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम में थाने के निजी चालक की भूमिका को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं। सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि शराब कारोबारी से कथित तौर पर रकम लेकर शराब की खेप छोड़ने को लेकर सौदेबाजी की जा रही थी। चर्चा है कि मामला सामने आने के बाद धरहरा थानाध्यक्ष सोनू कुमार ने संबंधित पुलिसकर्मियों को फटकार लगाई और तब जाकर शराब जब्त करने की औपचारिक कार्रवाई कराई गई।
इसके बाद ऑटो और उसके चालक को भी हिरासत में लिया गया, लेकिन पूछताछ के बाद दोनों को छोड़ दिया गया। ऑटो और चालक को किस आधार पर छोड़ा गया, इसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
थानाध्यक्ष ने की पुष्टि
इस संबंध में धरहरा थानाध्यक्ष सोनू कुमार ने अंग्रेजी शराब बरामद होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि दो बैग से रॉयल स्टैग की 750 एमएल की 35 बोतल शराब बरामद की गई है। हालांकि निजी चालक पर लग रहे कथित सौदेबाजी के आरोपों और ऑटो चालक को छोड़े जाने के संबंध में उन्होंने कुछ भी स्पष्ट नहीं कहा।
बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद शराब की खेप बरामद होना और उसके बाद पुलिसकर्मियों तथा निजी चालक की भूमिका पर सवाल उठना गंभीर विषय है। यदि सौदेबाजी के आरोप सही हैं तो यह पुलिस की कार्यशैली और जवाबदेही से जुड़ा मामला बन सकता है। ऐसे में पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच जरूरी है ताकि स्पष्ट हो सके कि शराब की खेप कैसे पकड़ी गई, वाहन और चालक को किस आधार पर छोड़ा गया और निजी चालक पर लगे आरोपों में कितनी सच्चाई है।
