-चाचा रेलकर्मी और भतीजा बिहार पुलिस का जवान था
-सावन की पहली सोमवारी पर जलाभिषेक के लिए दोनों शाम में देवघर निकलने वालें थे
-पूरे गांव में पसरा मातमी सन्नाटा, बिजली विभाग के प्रति आक्रोश
रंजीत कुमार विद्यार्थी
मुंगेर : जिलें के बरियारपुर थाना क्षेत्र के रतनपुर गांव में रविवार की शुवह 11 वोल्ट का हाईटेंशन तार की चपेट में आने से चाचा और भतीजे की दर्दनाक मौत हों गई। घटना से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। मृतक चाचा – भतीजा सावन माह की पहली सोमवारी पर देवों के देव ‘महादेव’ को जलाभिषेक करने के लिए रविवार की शाम देवघर निकलने वाले थे, कि शुवह ही यह दिल दहला देने वाली घटना घट गई। देवघर जाने की खुशियां मातम में तब्दील हो गई। मृतक चाचा पंकज कुमार रेल कर्मचारी थे, तो वहीं अमन कुमार बिहार पुलिस का जवान था। घटना के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। मृतक के परिजनों के आंसू थमने के नाम नहीं ले रहे हैं।
मृतकों की पहचान रतनपुर निवासी पंकज कुमार और उनके भतीजे अमन कुमार के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि अमन कुमार दो दिन पहले ही छुट्टी लेकर गांव आए थे। सावन की पहली सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक करने की उनकी तैयारी थी। रविवार शाम उन्हें बाबाधाम के लिए रवाना होना था, लेकिन उससे पहले ही यह दर्दनाक हादसा हो गया। इससे पूरे परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रविवार की सुबह दोनों घर के पास मौजूद थे। इसी दौरान ट्रांसफॉर्मर के समीप से गुजरा 11 हजार वोल्ट का हाईटेंशन तार अचानक टूटकर नीचे गिर गया। दोनों उसकी चपेट में आ गए। करंट इतना तेज था कि उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए।
घटना के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया हैं। उनका कहना है कि हाईटेंशन लाइन की नियमित जांच और रखरखाव नहीं होने के कारण यह हादसा हुआ। ग्रामीणों ने दोषी अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा मृतकों के आश्रितों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
घटना की सूचना मिलते ही बरियारपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
एक ही परिवार के दो कमाऊ सदस्यों की असमय मौत से रतनपुर गांव में शोक व्याप्त है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बिजली विभाग समय पर लाइन की निगरानी करता, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। अब सभी की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई और पीड़ित परिवार को मिलने वाली सहायता पर टिकी हैं।
