आदिवासी एक्सप्रेस/श्रवण कुमार रवि
विश्रामपुर,पलामू। विश्रामपुर प्रखंड के गुरहा पंचायत अंतर्गत मल्लाह टोली गांव में 15वें वित्त आयोग की राशि से करीब एक माह पूर्व गर्मी के दिनों में मंगल सिंह के घर के पास जल मीनार का निर्माण कराया गया था।ग्रामीणों का आरोप है कि जल मीनार बनने के बाद भी आज तक नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है,जिससे लोगों को इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है।ग्रामीणों के अनुसार जल मीनार से केवल दो घरों में नल कनेक्शन दिया गया है,जबकि आसपास के करीब 20 से 25 अति गरीब परिवार आज भी एकमात्र चापाकल के सहारे पेयजल की व्यवस्था करने को मजबूर हैं।गर्मी और उमस के बीच एक ही चापाकल पर निर्भर रहने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि योजनाओं में अधूरा काम कर राशि की निकासी कर ली जाती है,लेकिन यह सुनिश्चित नहीं किया जाता कि लोगों तक पानी पहुंच रहा है या नहीं।इस कारण ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि जल मीनार निर्माण कार्य की स्वीकृत प्राक्कलन (स्टीमेट) के अनुसार स्थल की जांच कराई जाए तथा योजना में यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों पर कार्रवाई की जाए।साथ ही जल मीनार को शीघ्र चालू कर सभी जरूरतमंद परिवारों तक पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके।
जल मीनार बनी,लेकिन एक बूंद पानी नहीं; 20–25 परिवार एक चापा कल के सहारे
