गिरफ्तार आरोपी ने खोले गिरोह के कई राज, इटखोरी के अलावा गिद्धौर और पत्थलगड़ा की घटनाओं में भी संलिप्तता स्वीकारा
-गुलगुलिया परिवारों को लूट की ट्रेनिंग देने मुख्य सरगना नाम आकाश है फरार ,पुलिस के सामने खुलासा, रेकी से लेकर वारदात तक का बताया पूरा नेटवर्क
आदिवासी एक्सप्रेस / संतोष कुमार दास
इटखोरी (चतरा): चतरा पुलिस ने स्वर्ण व्यवसायी से लूट के मामले का उद्भेदन करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह के एक शातिर अपराधी को ओडिशा से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान ओडिशा के जाजपुर जिले के दशमनिया गांव निवासी 22 वर्षीय दीपक प्रधान, पिता स्वर्गीय तपन प्रधान, के रूप में हुई है। आरोपी के पास से लूटे गए जेवरात, घटना में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। मामला 12 जुलाई 2026 का है। इटखोरी चौक निवासी स्वर्ण व्यवसायी दिलीप कुमार सोनी अपनी दुकान बंद कर मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। इसी दौरान कवाली रोड के पास अपराधियों ने मोटरसाइकिल की डिकी से गहनों से भरा बैग लूट लिया और फरार हो गए। पीड़ित के आवेदन पर इटखोरी थाना में कांड संख्या 90/26 दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया गया। तकनीकी अनुसंधान और लगातार छापेमारी के बाद पुलिस टीम ने ओडिशा के जाजपुर जिले के दशमनिया गांव से मुख्य आरोपी दीपक प्रधान को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, यह इलाका संवेदनशील स्लम बस्ती के रूप में चिन्हित है। गिरफ्तारी के दौरान स्थानीय स्तर पर पुलिस टीम को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर लूटे गए जेवरात बरामद किए। इसके अलावा घटना में प्रयुक्त बिना नंबर की लाल-काले रंग की अपाछी मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है। आरोपी के दूसरे ठिकाने, उसके ससुराल से काले रंग की पल्सर मोटरसाइकिल, जिसका नंबरOD 05BE-9764 है, तथा सैमसंग और ओप्पो कंपनी के दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और ओडिशा के विभिन्न थानों में चोरी व छिनतई के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। गिरोह में शामिल अन्य फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। पूछताछ में गिरोह के काम करने के तरीके का खुलासा पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग इलाकों में घूमकर दुकानों और संभावित शिकार की रेकी करते हैं। पुलिस के अनुसार, इटखोरी में लूट की घटना से पहले आरोपी ने गहने बेचने के बहाने दुकान की रेकी की थी।
पूछताछ में आरोपी ने चतरा जिले के गिद्धौर और पत्थलगड़ा क्षेत्र में हुई कुछ घटनाओं में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार करने की बात कही है। पुलिस अब इन मामलों में आरोपी की भूमिका और उसके बयानों का सत्यापन कर रही है। पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य लूट की वारदात के बाद लूट का सामान अपने कथित सरगना या गुरु को सौंपते थे और इसके बदले उन्हें मासिक भुगतान किया जाता था।पूछताछ में यह भी जानकारी सामने आई है कि गिरोह के कुछ सदस्यों को हैदराबाद में ताला खोलने, तेज गति से वाहन चलाने और पुलिस या भीड़ से बच निकलने जैसी गतिविधियों की ट्रेनिंग दी जाती थी। पुलिस कप्तान अनिमेष नैथानी ने बताए है कि गिरोह वारदात के दौरान मिर्ची पाउडर और सांप का इस्तेमाल कर लोगों में भय पैदा करने की रणनीति अपनाता था। गिरोह के अन्य सदस्यों और इसके पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने के लिए पुलिस जांच जारी है। कॉन्फ्रेंस में एसडीपीओ सन्नी वर्धन मुख्यालय डीएसपी सुनील सिंह,थाना प्रभारी अभिषेक कुमार सिंह मौजूद थे।
