आदिवासी एक्सप्रेस/पप्पू यादव
नौडीहा बाजार (पलामू): झारखंड के पलामू जिले के नौडीहा बाजार प्रखंड से विकास योजनाओं में लापरवाही और कथित भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां बिशनपुर पंचायत के अंतर्गत मोहरहर नदी पर लगभग 4 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बनाई गई कालीकरण (अलकतरा) सड़क और पुल का सुरक्षात्मक गढ़वाल (रिटेनिंग वॉल) महज एक साल के भीतर ही पूरी तरह टूट गया है। निर्माण कार्य के इतनी जल्दी जर्जर होने से स्थानीय प्रशासन और संवेदक (ठेकेदार) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पुल और सड़क की इस दुर्दशा को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। पंचायत के पूर्व मुखिया प्रत्याशी मुन्नी देवी, अजय सिंह, शनि कुमार और विजय सिंह सहित कई ग्रामीणों ने संवेदक पर घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग करने का सीधा आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस पुल और सड़क को बने अभी केवल एक वर्ष ही बीता है, लेकिन पहली कुछ बारिशों में ही सड़क कई जगहों से उखड़ने और टूटने लगी है। इसके अलावा, पुल की सुरक्षा के लिए बनाया गया गढ़वाल भी धंस गया है, जिससे वहां की मिट्टी तेजी से खिसक रही है।
गढ़वाल के धंसने और मिट्टी दब जाने के कारण पुल के एप्रोच मार्ग पर एक बड़ा खतरा पैदा हो गया है, जिससे वहां से गुजरने वाले वाहनों के लिए हर समय किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। बिशनपुर पंचायत के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों से इस पूरे निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषी संवेदक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि सरकारी धन के दुरुपयोग पर रोक लगाई जा सके।
