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बाढ़ के एएनएस कॉलेज में वॉलंटियर सर्टिफिकेट के नाम पर फर्जीवाड़े का आरोप, छात्रों से ₹400-800 वसूली; प्राचार्य ने जांच के दिए आदेश

बाढ़ के एएनएस कॉलेज में वॉलंटियर सर्टिफिकेट के नाम पर फर्जीवाड़े का आरोप, छात्रों से ₹400-800 वसूली; प्राचार्य ने जांच के दिए आदेश

बाढ़। बाढ़ स्थित अनुग्रह नारायण सिंह (एएनएस) कॉलेज में छात्रों के साथ कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि अनिवार्य वॉलंटियरशिप कोर्स के नाम पर छात्रों से ₹400 से ₹800 तक की वसूली की जा रही है, जबकि यह प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है। मामले के सामने आने के बाद छात्रों ने कॉलेज प्रशासन से शिकायत की है। वहीं कॉलेज के प्राचार्य ने जांच के आदेश देते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई और एफआईआर दर्ज कराने की बात कही है।

बीए सेमेस्टर-4 के छात्र ओम प्रकाश ने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से प्रत्येक वर्ष छात्रों के लिए वॉलंटियर कोर्स कराया जाता है, जो पाठ्यक्रम का अनिवार्य हिस्सा है। इसके लिए किसी प्रकार का शुल्क निर्धारित नहीं है। इसके बावजूद कुछ लोगों द्वारा छात्रों से ₹400 से ₹800 तक की राशि वसूली जा रही है। छात्र का आरोप है कि रजिस्ट्रेशन एक एनजीओ के नाम पर कराया जा रहा है, जबकि प्रमाण पत्र किसी अन्य संस्था का दिया जा रहा है, जिससे पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।

क्या है वॉलंटियर कोर्स?
नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत कई विश्वविद्यालयों में वॉलंटियर कोर्स को स्नातक पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है। AEC (एबिलिटी इन्हेसमेंट कोर्स ) के अंतर्गत छात्रों को 30 घंटे का सामाजिक एवं वॉलंटियर कार्य पूरा करना होता है। इसके सफलतापूर्वक पूरा होने पर छात्रों को 2 अतिरिक्त क्रेडिट अंक दिए जाते हैं, जो उनकी मार्कशीट में जोड़े जाते हैं।

इस प्रक्रिया में आमतौर पर कॉलेज, विश्वविद्यालय, अधिकृत एनजीओ या इंटर्नशिप कोऑर्डिनेटर के माध्यम से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया जाता है। निर्धारित अवधि का कार्य पूरा करने के बाद छात्रों को प्रमाण पत्र जारी किया जाता है, जिसे कॉलेज पोर्टल पर जमा करना होता है। यह पूरी प्रक्रिया सामान्यतः निःशुल्क होती है।

शिकायत के बाद प्राचार्य ने गठित की जांच टीम
जब छात्रों से प्रमाण पत्र के बदले पैसे मांगे जाने की शिकायत सामने आई, तो बड़ी संख्या में छात्र कॉलेज के प्राचार्य से मिलने पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी दी।

इस संबंध में कॉलेज के प्राचार्य प्रो. शशि प्रताप शाही ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। इसकी जांच के लिए एक टीम गठित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।

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