रांची/खूंटी: भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार को खूंटी जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए अड़की थाना की महिला थाना प्रभारी शुलेखा कुमारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने बंधुआ मजदूरी से जुड़े एक मामले में आरोपी का नाम हटाने के एवज में रिश्वत की मांग की थी।
एसीबी के अनुसार, खूंटी जिले के सिलादोन निवासी श्याम कुमार ने रांची स्थित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने बताया था कि उनके खिलाफ अड़की थाना कांड संख्या 06/2025 दर्ज है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ बंधुआ मजदूरी उन्मूलन अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।
शिकायतकर्ता का आरोप था कि उन्हें मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है और केस से राहत दिलाने तथा नाम हटाने के लिए जांच पदाधिकारी एवं थाना प्रभारी शुलेखा कुमारी की ओर से रिश्वत की मांग की जा रही है। आरोप के मुताबिक, मामले को निपटाने के लिए उनसे 4.50 लाख रुपये की मांग की गई थी।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन कराया। जांच में रिश्वत मांगने की बात प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई और ट्रैप की योजना बनाई गई।
पूर्व निर्धारित योजना के तहत गुरुवार को शिकायतकर्ता रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये लेकर पहुंचा। जैसे ही शुलेखा कुमारी ने रुपये स्वीकार किए, पहले से मौजूद एसीबी की टीम ने उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी थाना प्रभारी को रांची ले गई, जहां उनसे आगे की पूछताछ और न्यायिक प्रक्रिया जारी है। एसीबी अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7(ए) के तहत कार्रवाई की गई है।
एसीबी ने बताया कि पूरे मामले की जांच जारी है। यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
महिला थाना प्रभारी की गिरफ्तारी के बाद खूंटी पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। एसीबी ने स्पष्ट किया है कि सरकारी पद का दुरुपयोग कर रिश्वत लेने या मांगने वाले किसी भी अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
