राधानगर थाना क्षेत्र के मोहनपुर पंचायत अंतर्गत कुसमा गांव में अचेत अवस्था में मिले एक 28 वर्षीय युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। मृतक की पहचान अमानत गांव निवासी अकीरुद्दीन शेख के पुत्र नजमुल शेख के रूप में हुई है, जो अमानत में सीएसपी (कस्टमर सर्विस प्वाइंट) का संचालन करता था। उसकी अचानक हुई मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है, जबकि परिजन घटना को रहस्यमय बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार मंगलवार की सुबह नजमुल शेख अपनी मोटरसाइकिल से घर से निकला था। दोपहर में परिजनों को सूचना मिली कि वह कुसमा गांव में अचेत अवस्था में पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही परिजन घटनास्थल पहुंचे और गंभीर हालत में उसे तत्काल पश्चिम बंगाल के मालदा सदर अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान बुधवार की अहले सुबह उसकी मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि जब नजमुल को अचेत अवस्था में उठाया गया, तब उसकी मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन घटनास्थल से गायब थे। ऐसे में घटना को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर वह अमानत गांव से कुसमा गांव कैसे पहुंचा, किन परिस्थितियों में अचेत हुआ और उसके साथ मौजूद सामान कहां गया, इसका अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल पाया है।
मृतक के परिजनों के अनुसार नजमुल स्वभाव से मिलनसार और व्यवहार कुशल युवक था। वह अपने परिवार का मुख्य सहारा था। उसकी पत्नी छह माह की गर्भवती है। पति की असमय मौत से पत्नी और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक और मातम का माहौल बना हुआ है।
इधर, घटना के संबंध में समाचार लिखे जाने तक राधानगर थाना में किसी प्रकार का लिखित आवेदन नहीं दिया गया था। वहीं पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। उधर, मालदा सदर अस्पताल में शव के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया जारी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। पुलिस का कहना है कि आवेदन मिलने अथवा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
